योगी सरकार ने 8वीं तक की परीक्षाएं न कराने का बड़ा फैसला लिया है। इस साल 2021 में किसी भी स्कूल में बच्चों की वार्षिक परीक्षाएं आयोजित नहीं की जाएंगी। राज्य के शिक्षा विभाग ने बच्चों को सीधे अगली कक्षा में प्रमोट करने का फैसला किया है। 

ऐसा पहली बार हो रहा है कि किसी महामारी के कारण लगातार दूसरे वर्ष कई राज्यों में स्कूल परीक्षाएं रद्द करनी पड़ रही हों। उत्तर प्रदेश में भी स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से बड़ा फैसला करते हुए घोषणा की गई कि इस बार लगातार दूसरे साल प्रदेश में उच्च माध्यमिक स्तर तक की कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए परीक्षाओं का आयोजन नहीं किया जाएगा। 

राज्य सरकार ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से संचालित किए जा रहे सभी विद्यालयों में इस साल 8वीं कक्षा तक की वार्षिक परीक्षाएं आयोजित नहीं की जाएंगी। इन कक्षाओं के बच्चों को सीधे अगली कक्षा में प्रमोट किया जाएगा। 

उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने कहा, हम कक्षा 08वीं तक के बच्चों के लिए एक 100 दिवसीय ‘प्रेरणा ज्ञानोत्सव’ कार्यक्रम चला रहे हैं। छात्रों का मूल्यांकन इस पर किया जाएगा और उन्हें मूल्यांकन के आधार पर अगली कक्षा में पदोन्नत किया जाएगा। 

गौरतलब है कि बीते साल 2020 में, कक्षा 8वीं तक के छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर बिना परीक्षाओं के ही पदोन्नत किया गया था। इसके बाद, कोविड-19 महामारी के कारण स्कूल अगले बंद कर दिए गए थे। करीब 10 माह बाद दोबारा स्कूल खुले हैं।

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