World Women’s Day 2020: भारत की वो बेटियां जो राजनीति के आसमान पर सूरज की तरह चमकीं। इन बेटियों ने देश को दुनिया में पहचान दिलाई। राजनीति के नए मानदंड स्‍थापित किए। इंदिरा गांधी को तो आयरन लेडी का नाम भी दिया गया। आइए जानते हैं भारत की इन बेटियों के बारे में-
women's day1
सरोजिनी नायडू: सरोजिनी नायडू स्वतंत्रता सेनानी, कवयित्री और देश की पहली महिला गवर्नर थीं। सरोजिनी नायडू का जन्म 13 फरवरी 1879 में हुआ था। सरोजिनी नायडू ने देश को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनका निधन दो मार्च 1949 को हुआ था।

एनी बेसेंट: एनी बेसेंट 1917 में कोलकाता में कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष चुनी गईं। वह मूल रूप से आयरलैंड की रहने वाली थीं और उन विदेशियों में शामिल थीं, जिन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद उनकी रुचि थियोसॉफी में जागी और वे 1875 में स्थापित की गई थियोसॉफिकल सोसाइटी की लीडर बन गईं।

इंदिरा गांधी: इंदिरा गांधी आजाद भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। वो पहली भारतीय महिला थीं, जिन्हें साल 1971 में भारत रत्न अवार्ड से सम्मानित किया गया। इंदिरा गांधी को आयरन लेडी के नाम से भी जाना जाता है। उनकी मजबूत इचछाशक्‍ति और राजनीतिक सूझबूझ ने भारत को दुनिया के मजबूत देशों की गिनती में लाकर खड़ा किया।

सुचेता कृपलानी: देश के किसी राज्य की मुख्यमंत्री बनने का गौरव पाने वाली पहली महिला सुचेता कृपलानी ( सुचेता मजूमदार ) थीं। सुचेता कृपलानी एक स्वतंत्रता सेनानी भी थीं। 2 अक्तूबर 1963 को सुचेता कृपलानी ने उत्तर प्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

विजयलक्ष्मी पंडित: पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की छोटी बहन थीं विजयलक्ष्मी पंडित। आजादी के बाद 1947 से 1949 तक रूस में राजदूत रहीं। फिर 1953 में यूएन जनरल असेंबली की प्रेसिडेंट रहीं। विजयलक्ष्मी पंडित पहली महिला थीं जो यूएन जनरल असेंबली की प्रेसिडेंट रहीं। 1946 में संविधान सभा में चुनी गईं। औरतों की बराबरी से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखी और बातें मनवाईं।

प्रतिभा पाटिल: भारत की पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल हैं। प्रतिभा पाटिल का पूरा नाम प्रतिभा देवी सिंह पाटिल हैं। प्रतिभा पाटिल का जन्म 19 दिसंबर 1934 को महाराष्ट्र के जलगांव जिले के नंदगांव में हुआ था। साल 1962 में प्रतिभा पाटिल ने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की और राजनीति में प्रवेश किया। मात्र 27 साल की उम्र में ही प्रतिभा पाटिल मुंबई की जलगांव विधानसभा से विधायक चुनी गईं।

दीपक संधू: दीपक संधू भारत की पहली महिला मुख्य सूचना आयुक्त रह चुकी हैं। 5 सितंबर 2013 को इस पद पर नियुक्त हुईं संधू दिसंबर में इस पद से सेवानिवृत्त हुईं। इसके अलावा दीपक की अद्भुत नेतृत्व क्षमता का ही कमाल था कि उनको भारतीय सूचना सेवा में कई महत्वपूर्ण पदों का जिम्मा दिया गया। इसके साथ ही दीपक संधू ने कान, बर्लिन, वेनिस और टोक्यो में अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में भी भाग लिया था।

वीएस रमादेवी: कर्नाटक की राज्यपाल रह चुकीं रमा देवी को भारत की प्रथम महिला चुनाव आयुक्त का पदभार संभालने का गौरव प्राप्त है। वीएस रमा देवी ने 26 नवंबर से 11 दिसंबर 1990 तक पदभार संभाला था।

मीरा कुमार: 31 मार्च 1945 को जन्मी मीरा कुमार दलित समुदाय से हैं और वे पूर्व उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम की बेटी हैं। उनकी मां इंद्राणी देवी एक समाजसेवी थीं। वर्ष 1985 में वो पहली बार सांसद बनी, उन्होंने बिजनौर से चुनाव लड़ा था। साल 2009 में मीरा कुमार लोकसभा की पहली महिला स्पीकर चुनी गईं थीं।

Follow Us