हरिद्वार में कुंभ के दौरान आज अंतिम शाही स्नान चल रहा है. कई अखाड़ों के साधुओं ने गंगा नदीं में डुबकी लगाई . कोरोना महमारी के चलते साधु-संतों की संख्या में कमी आई है. कुंभ के शाही स्नान की तस्वीरों में भी ये साफ दिख रहा है. आपको बता दें कि, आज चैत्र पूर्णिमा का शाही स्नान है. इस मौके पर प्रशासन ने तमाम तैयारियां की है. साथ ही कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने के लिये पुलिस प्रशासन मुस्तैद है.

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सुबह 9 बजकर 30 मिनट तक हरकी पैड़ी पर आम श्रद्धालुओं ने स्नान किया। इसके बाद सबसे पहले पंचायती अखाड़ा निरंजनी के संत स्नान के लिए पहुंचे। आराध्य देव भगवान कार्तिकेय और मां गंगा की पूजा अर्चना के बाद संतों ने गंगा में डुबकी लगई। चैत्र पूर्णिमा के शाही स्नान के दौरान प्रत्येक अखाड़े से 50 से 100 संतों को ही शामिल किया गया। उनके शाही जुलूस में वाहनों की संख्या भी बेहद सीमित रही। जूना अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत हरि गिरि और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत रविंद्र पुरी, महानिर्वाणी अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी के अनुसार कोरोना की गाइडलाइन का पालन करते हुए सभी संत स्नान कर रहे हैं।

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पीएम मोदी ने की थी अपील
गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद पीएम मोदी ने कुंभ को प्रतीकात्मक रखने की अपील की थी. कुछ दिनों पहले मोदी ने आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी से बात कर साधु-संतों का हाला जाना. उन्होंने कुंभ को कोरोना के संकट के चलते प्रतीकात्मक रखने की अपील की थी. वहीं, पीएम की अपील के बाद स्वामी अवधेशानंद ने भी लोगों से भारी संख्या में कुंभ का स्नान करने के लिए हरिद्वार नहीं पहुंचने और सभी नियमों का पालन करने का आग्रह किया था. 

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