उत्तराखंड में शनिवार को 107 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत के मामले सामने आए हैं। वहीं, 5493 नए संक्रमित मिले हैं। साथ ही एक्टिव केस 51 हजार 127 हो गई है। आज 3644 मरीजों को ठीक होने के बाद डिस्चार्ज किया गया। प्रदेश में अब तक 1 लाख 86 हजार 014 संक्रमित मरीज आ चुके हैं, जिसमें से 1 लाख 28 हजार 209 मरीज स्वस्थ हुए हैं।

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स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को 27075 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। जबकि देहरादून जिले में सबसे अधिक 2266कोरोना संक्रमि त मरीज मिले हैं। वहीं, हरिद्वार जिले में 578, नैनीताल में 810, ऊधमसिंह नगर में 503, पौड़ी में 330, टिहरी में 153, रुद्रप्रयाग में 59,  पिथौरागढ़ में 135, उत्तरकाशी में 106, अल्मोड़ा में 136, चमोली में 116, बागेश्वर में 146 और चंपावत में 128 संक्रमित मिले हैं।

20 दिनों के भीतर 30 बेड का कोविड अस्पताल बनाएं

उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के प्राचार्य को 20 दिनों के भीतर 30 बेड का कोविड अस्पताल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने शनिवार को वेबीनार के माध्यम से मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में खुलने वाले अस्पताल की समीक्षा की। एक्टिव

उन्होंने कहा कि श्रीनगर मेडिकल कालेज में पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग और टिहरी से बड़ी संख्या में लोग कोविड-19 का इलाज कराने के लिए आ रहे हैं। कोविड अस्पताल के लिए सात करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। बैठक में बताया गया कि 27 बेड के आईसीयू के लिए किसी भी तरह का काम शुरू नहीं हुआ। जबकि अन्य कार्य मात्र 20 फीसदी हुआ है। एक्टिव

गांवों में बाहरी लोगों की आवाजाही खुद ही प्रतिबंधित कर रहे ग्रामीण
पीपलकोटी/गोपेश्वर में कोरोना संक्रमण की छाया गांवों तक न फैले इसके लिए ग्रामीण स्वयं अपने गांवों में बाहरी लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित कर रहे हैं। रामणी गांव में बाहरी लोगों के आने-जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। निजमूला घाटी इस पर विचार कर रहा है जबकि पीपलकोटी के किरुली गांव ने इस संबंध में रविवार को बैठक रखी है।

किरुली गांव के ग्रामीण सौरभ भाटिया का कहना है कि नगर क्षेत्रों में कोरोना का कहर मचा है। ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना न फैले इसके लिए गांवों में बाहरी लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया जाना बेहद जरूरी है। निजमूला घाटी के गांवों में भी ग्रामीण अपने गांवों में बाहरी लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित करने पर विचार कर रहे हैं।

संक्रमितों के दाह संस्कार में लापरवाही का आरोप
हरिद्वार में महामारी के बीच चंडी घाट श्मशान घाट में शवों के दाह संस्कार करने में लापरवाही का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि कर्मचारी शवों को आधा अधूरा जलाकर छोड़ दे रहे हैं, जिससे शिकारी कुत्ते शवों के अंगों को उठाकर ले जा रहे हैं।

गंगा नदी पर चंडी घाट पुल के नीचे नया श्मशान घाट बनाया गया है। इसके संचालन का जिम्मा तिरुपति कृषि उत्पादन उर्वरक विपणन समिति कोटद्वार को दिया गया है। आरोप है कि कर्मचारियों की ओर से शवों के दाह संस्कार करने में लापरवाही बरती जा रही है।

यहां रह रहे एक अघोरी हलचल बाबा के पास देहरादून से पहुंचीं माता राजराजेश्वरी ने कुत्तों को शवों के अंग खाते देख कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि जब तब मृतकों के परिजन रहते हैं, कर्मचारी शवों को जलाते रहते हैं। उनके जाने के बाद शवों को अधचरा छोड़ दिया जाता है। शवों के पूरी तरह से जलने से पहले ही कर्मचारी वहां से हट जाते हैं, जिससे कुत्ते शवों के अंगों को खींचकर ले जाते हैं और दिनभर उन्हें नोचते हैं।

आरोप लगाया कि अंतिम संस्कार में कर्मकांड की विधि भी पूरी नहीं अपनाई जा रही है। उन्होंने दाह संस्कार के लिए लगाए गए कर्मचारियों को हटाकर दूसरों को रखने की मांग की है। उधर, समिति के सचिव मान सिंह का कहना है कि शवों का ठीक ढंग से पूरे विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया जा रहा है। अघोरी बाबा और कुछ लोगों का आपस में विवाद चल रहा है। इसके कारण ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोप निराधार हैं।

पीपीई किट पहनकर बुजुर्ग को पहुंचाया अस्पताल 
ऋषिकेश में कोरना संक्रमित बुजुर्ग को कोतवाली की चीता पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया। संक्रमित होने के कारण पड़ोसी भी बुजुर्ग की मदद के लिए तैयार नहीं हुए। जिसके पुलिस जवान पीपीई किट पहनकर बुजुर्ग को अस्पताल ले आए। 

 22 गणेश विहार गली नंबर 6, गंगानगर, ऋषिकेश निवासी 76 वर्षीय गणेशदास सप्रा पुत्र धारीवाल सप्रा की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। कोतवाली पुलिस ने बताया कि 28 अप्रैल से वह बुजुर्ग की मदद कर रहे थे। बीते 30 अप्रैल को उन्हें सूचना मिली कि ऑक्सीजन से भी बुजुर्ग को राहत नहीं मिल रही है, तबीयत अधिक बिगड़ गई है।

करोना पॉजिटिव होने के कारण पड़ोस से भी कोई मदद नहीं कर पा रहा है। इसके बाद पीपीई किट पहनकर चीता पुलिस कांस्टेबल योगेंद्र कुमार और संदीप छाबड़ी ने बुजुर्ग की सहायता की। उन्होंने बुजुर्ग को आवास के प्रथम तल से गोद में उठाकर एंबुलेंस तक पहुंचाया। जहां से उन्हें उपचार के लिए एम्स में भर्ती किया गया। एम्स में उनका उपचार चल रहा है। 

48 घंटे में थोड़ा कम हुई संख्या

उत्तराखंड में शुक्रवार को रिकॉर्ड कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत के मामले सामने आए थे. शुक्रवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार 122 मरीजों की मौत हुई. वहीं, एक्टिव में 5654 नए संक्रमित मिले थे. शनिवार को यह घटकर 5,493 हो गई. साथ ही एक्टिव केस की संख्या भी 55 हजार पार हो गई है.

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जांच सेम्पल देकर लिखाया गलत पता 

कोरोना वायरस के हाहाकार के बीच बॉर्डर डिस्ट्रिक पिथौरागढ़ में आए दिन हजारों की तादात में प्रवासी अपने घरों को लौट रहे हैं. ऐसे में कोरोना संक्रमण बॉर्डर जिले में न फैले हेल्थ डिपार्टमेंट ने जिले के एंट्री प्वाइंट पर जांच केन्द्र बनाएं हैं. इन जांच केन्द्रों में बाहर से आने वालों का एंटीजन और आरटीपीसीआर सैंपल लिए जा रहे हैं. लेकिन कई सैंपल देने वाले ऐसे हैं, जो यहां भी हेराफेरी से बाज नहीं आ रहे हैं.

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