कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के कारण उत्तर प्रदेश में घोषित लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति के लिए शासन ने पिछले वर्ष की तरह एक बार फिर ई-पास जारी करने का निर्णय किया है। अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार ने इस बारे में शासनादेश जारी कर दिया है। आमजन भी चिकित्सा सेवाएं हासिल करने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

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आवश्यक वस्तुओं की सेवाएं न हासिल होने की दशा में लोग मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 पर अपनी शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं। आवेदक rahat.up.nic.in पर उपलब्ध लिंक के जरिए ई-पास के लिए आवेदन कर सकते हैं। ई-पास पोर्टल पर संस्थागत पास का भी प्रावधान किया गया है जिसमें एक संस्था आवेदक सहित पांच कर्मियों के लिए पास का आवेदन कर सकती है। ऑनलाइन आवेदनों का परीक्षण व सत्यापन अधिकृत प्रयाासनिक अधिकारी करेंगे। आवेदनों को परीक्षण के बाद स्वीकृत अथवा अस्वीकृत किया जाएगा।

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स्वीकृत आवेदनों के ई-पास ऑनलाइन जारी होंगे, जिनको एसएमएस के जरिए दिए गए लिंक के जरिए डाउनलोड अथवा प्रिंट कर उपयोग किया जा सकेगा। ई-पास की इलेक्ट्रानिक प्रति भी मान्य होगी। ई-पास की पूर्ण अवधि में जांच के समय मांगे जाने पर आवेदक को ई-पास के साथ आवेदन करते समय अपलोड किया गया जीएसटी प्रमणपत्र, वाणिज्यिक पंजीकरण प्रमाण पत्र, फोटायुक्त पहचान पत्र, पैनकार्ड, मतदाता पहचान पत्र व अन्य प्रपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

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