इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) एवं संघटक महाविद्यालयों की परीक्षाओं को लेकर मंगलवार को महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। चार मई को इविवि की परीक्षा समिति की बैठक होने जा रही है, जिसमें यह तय होगा कि परीक्षाएं कराई जाएं या पिछले साल की तरह इस बार भी छात्र-छात्राओं को अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया जाएगा। परीक्षा समिति इन सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श करने के बाद निर्णय लेगी।

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कोविड के मद्देनजर परीक्षा समिति की बैठक ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएंगी, जिसकी अध्यक्षता कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव करेंगी। बैठक में परीक्षा नियंत्रक प्रो. रमेंद्र कुमार सिंह, रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला, चीफ प्रॉक्टर प्रो. हर्ष कुमार समेत सभी डीन आदि शामिल होंगे। इविवि एवं कॉलेजों की विषम सेमेस्टर की मुख्य परीक्षाएं और स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की बैक पेपर की परीक्षाएं तीन अप्रैल से शुरू हुईं थीं, लेकिन कोविड का संक्रमण तेजी से बढने के कारण 10 अप्रैल से सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं थीं। 15 अप्रैल से स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की वार्षिक परीक्षाएं प्रस्तावित थीं, जो शुरू नहीं हो सकीं। सबसे अंत में प्रथम सेमेस्टर और स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षाएं होनी थीं।

मौजूदा हालात में इविवि प्रशासन के लिए परीक्षाएं कराना चुनौतीपूर्ण है। इविवि प्रशासन ने स्थगित हुईं परीक्षाएं 30 अप्रैल से कराने का निर्णय लिया था, लेकिन परिस्थितियां विपरीत होने के कारण परीक्षाएं फिर से टाल दी गईं थीं। इविवि प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती मौजूदा सत्र को पटरी पर लाना और नरए सत्र की समय से शुरुआत करना है। परीक्षा समिति की बैठक में इन सभी बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। अगर सभी परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं तो सत्र को पटरी पर लाना इविवि प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी।

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पिछली बार कोविड के कारण केवल अंतिम वर्ष एवं अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं आयोजित की गईं थीं। बाकी छात्र-छात्राओं को अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया गया था। इस बार छात्र-छात्राओं को प्रमोट किया जाए या परीक्षाएं आयोजित की जाएं, परीक्षा समिति की बैठक में इस बिंदु पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। हालांकि यह बैठक के बाद ही होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन सभी पाठ्यक्रमों की परीक्षा कराता है या पिछले साल की तरह सत्र को पटरी पर लाने के लिए कोई दूसरा रास्ता निकालता है।

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