लॉकडाउन अब  लगभग कई क्षत्रों में खुल गया है, अलग- अलग राज्यों के अलग- अलग नियम फॉलो किए जा रहे हैं.


करीब ढाई महीने से स्कूल बंद हैं, बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को मद्देनजर रखते हुए. स्कूल, कॉलेज के खुलने पर विचार किया जा रहा है. माना ये जा रहा है, कि अब स्कूल, कॉलेज भी जल्द खोल दिये जाएंगे. लेकिन कई नियमों में बदलाव आवश्यक हैं.

अब देश भर में स्कूल, कॉलेज की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है.  अलग-अलग राज्यों में स्कूल के खोले जाने पर योजनाएं बनाई जा रही हैं. आपको बता दें, कि जब आपका बच्चा लॉकडाउन के खुलने के बाद जब स्कूल जाएगा.  तब क्या कुछ बदलाव देखने को मिलेंगे.

पेरेंट्स बच्चों की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं. क्या स्कूल के इतने बच्चों में सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना पॉसिबल होगा ? इस तरह के सवाल आज हर दूसरे पेरेंट्स पूछ रहे हैं.
सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर क्या बदलाव हो सकते हैं.

दो शिफ्ट्स में लग सकती हैं क्लास
क्लास में बच्चे ज्यादा होते हैं. और ऐसे में बच्चों से सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की उम्मीद नहीं की जा सकती. इसलिए बच्चों को आधे – आधे यानी 40 बच्चों के क्लास में होने पर केवल 20 बच्चे क्लास में बैठ सकेंगे ऐसे में एक बड़ी समस्या इंफ्रास्ट्रक्चर की आ रही है.  क्योंकि बच्चों को शिफ्ट करेंगे तो दुगने क्लास की आवश्यकता पड़ेगी, साथ ही उतना ही स्टाफ, इसलिए बच्चों को दो शिफ्ट में बंटा जा सकता है मॉर्निंग शिफ्ट और इवनिंग शिफ्ट.

ऑनलाइन ऑफलाइन क्लास
एक यह भी तरीका निकाला गया है, कि 50 प्रतिशत बच्चों को ऑफलाइन क्लास यानी कि स्कूल बुलाया जाएगा और बाकी के 50 प्रतिशत बच्चों को ऑनलाइन क्लास की सुविधा दी जाएगी.

ऑड इवन
ऑड इवन नंबर को फॉलो करने पर प्रदूषण को रोके जाने में यह योजना कारगर रही थी. इसलिए ऑड इवन नंबर को अब स्कूल कॉलेज में भी फॉलो किया जाएगा.

सप्ताह में छः दिन खुलेगा स्कूल
भारत ने कई ऐसे राज्य हैं, जहां सप्ताह में पांच दिन स्कूल खुलते हैं लेकिन अब नए नियमों के अनुसार अब सप्ताह में छः दिन पढ़ाई होगी.

ट्रांसपोर्ट में भी हो सकते हैं बदलाब
स्कूल ट्रांसपोर्ट को लेकर भी सवाल किए जा रहे हैं.  हो सकता है, कि स्कूल में इस बार ट्रांसपोर्ट की सुविधा पर रोक लगा दी जाए और पेरेंट्स को बच्चों के स्कूल छोड़ने और ले जा की जिम्मेदारी उठानी पड़े.

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