उर्दू- हिंदी के मुकम्मल शायर राहत इंदौरी का मंगलवार को हार्ट अटैक से निधन हो गया। राहत इंदौरी कोरोना संक्रमित भी थे उन्होंने इस बात की जानकारी खुद ट्वीट करके दी थी। उन्हें अरबिंदो अस्पताल में भर्ती किया गया था। कुछ देर पहले उनके ट्विटर अकाउंट पर उनके इंतेकाल का ऐलान किया गया है। जानकारी के मुताबिक उनके इंतेकाल की वजह Cardiac Arrest बताई जा रही है।


 

कई बीमारियों से जूझ रहे थे

राहत इंदौरी को पहले से कई बीमारियां थीं। उन्हें शुगर और दिल से संबंधित परेशानी थी। अरबिंदो अस्पताल के डॉक्टर विनोद भंडारी ने बताया कि उन्हें 2 बार दिल का दौरा भी पड़ चुका था। उन्हें 60 फीसदी निमोनिया भी था। 70 फीसदी लंग खराब थे। उन्हें हाइपरटेंशन और डायबिटीज भी थी।

कोरोना और लॉकडाउन पर ट्वीट की थी शायरी

राहत इंदौरी कोरोना वायरस को लेकर अपने ट्विटर अकाउंट पर काफी सक्रिय नजर आते हैं और लगातार शायरी भी लिख रहे हैं।

उन्होंने कोरोना महामारी के ऊपर एक शायरी लिखी थी।

टूटा हुआ दिल तेरे हवाले मेरे अल्लाह, इस घर को तबाही से बचा ले, मेरे अल्लाह…..वो साथ, वो दिन रात, वो नग़मात, वो लम्हे, लौटा दे मुझे मेरे उजाले, मेरे अल्लाह..

 

इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश में 21 दिन के लॉक डाउन के फैसले को लेकर भी एक शायरी लिखी थी।

 

‘घर की दीवारों से हम बतियाएंगे 21 दिन,

 शहर में सन्नाटे पर फैलाएंगे 21 दिन….नाविलें , 

किस्से , कहानी, टी वी, खबरें , सीरियल, एक एक कर के अभी उड़ जाएंगे 21 दिन…

लान में रखे हुए गमले पे तुम रखना नज़र, फूल बन कर रोज़ खिलते जाएंगे 21 दिन…

इम्तिहां है देश और इंसानियत का इम्तिहां, 

देखना दो रोज़ में कट जाएंगे 21 दिन….

उन गरीबो का भी रखना है हमें पूरा ख्याल, 

जिनको है ये फिक्र के क्या खाएंगे 21 दिन …’

 

मरीजों के आइसोलेशन के लिए अपना कमरा देने की कही थी बात

शायर राहत इंदौरी ने अपने ट्विटर हैंडल पर ऐलान किया था कि खुदा न करे, अगर देश में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या बढ़ती है, तो उनकी तीमारदारी के लिए उनके कमरों का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इंदौर में मरीजों को आइसोलेट करने के लिए अलग कमरों की जरूरत हो तो मेरा मकान हाजिर है। रब हम सबकी इस वबा से हिफाजत करे।

 

बुलाती है मगर जाने का नहीं शायरी खूब वायरल हुई थी

आप को बता दें कि राहत इंदौरी दुनियाभर में अपनी शायरी के लिए काफी मशहूर है। उनकी गिनती उर्दू जुबान के बेहतरीन शायरों में की जाती है।हाल ही में उनकी लिखी हुई शायरी ‘बुलाती है मगर जाने को नहीं’ सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी।

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