होली पर आजकल बड़े पैमाने पर सिंथेटिक कैमिकल से बने रंगों का प्रयोग किया जाता है। ऐसे में भले ही आप सूखे रंगों से होली खेल रहे हैं लेकिन यह सुनिश्चित अवश्य करें कि रंग आपकी आँखों में न जाए। होली पर आँखें की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है। होली के दौरान रंगों से खेलते वक्त आँखों का ध्यान न रखने का परिणाम आँखों में खुजली, एलर्जी, लालपन, अस्थाई अंधत्व या त्वचा के संक्रमण के रूप में सामने आ सकता है। कोशिश करें कि प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करें लेकिन यदि ऐसा नहीं होता है तो अगली स्लाइड्स में नेत्र सर्जन एवं डायरेक्टर, श्री गणेश विनायक आई हॉस्पिटल, रायपुर डॉ चंद्रदत्त कलमकर से जानिए आंखों को सुरक्षित रखने के टिप्स। 

गुब्बारों को कहें न
पानी या रंग से भरे गुब्बारे सबसे खतरनाक हो सकते हैं और आँखों के लिए ब्लंट ट्रॉमा का कारण बन सकते हैं जो कि आगे जाकर आँखों में रक्तस्राव (ब्लीडिंग), आँखों के प्राकृतिक लैंस को नुकसान पहुँचने या उसके अपने स्थान से खिसक जाने, मैक्युलर इडिमा (सूजन) या रेटिनल डिटैचमेंट का कारण बन सकता है। यह दृष्टि खोने या आँखों के पूरी तरह खत्म हो जाने की और ले जा सकता है। ये सभी आँखों के लिहाज से इमरजेंसी हैं और इनकी तरफ तुरंत ध्यान देना आवश्यक होता है।

होली खेलते वक्त अपनी आंखों और कानों को बचाकर रखें। हालांकि रंग खेलने के खुमार में ऐसा करना मुश्किल हो जाता है। यहां हम आपको कुछ टिप्स बता रहे हैं जिनके ज़रिए आप रंगों के दुष्प्रभाव से आंखों और कानों को बचा सकते हैं।

1- सबसे पहली बात तो यह ध्यान रखें कि नैचरल रंगों को इस्तेमाल करें। कैमिकल युक्त रंगों से होली न खेलें क्योंकि हो सकता है कि इस दौरान रंग आंख में चला जाए। कैमिकल युक्त रंग आंखों को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि नैचरल रंग भी आंखों में जाने न पाए, लेकिन अगर चला जाए तो तुरंत आंखों को पानी के छपके मारकर अच्छी तरह से धोएं और मलें नहीं।

2- अगर कोई रंग नहीं खेलना चाह रहा है तो उसके साथ ज़बरदस्ती न करें। क्या पता ज़बरदस्ती के दौरान होली का रंग आंख में चला जाए। बेहतर होगा कि किसी को भी रंग लगाने से पहले उसे बता दिया जाए कि उसे रंग लगाने की प्लानिंग है और वह तैयार हो जाए।

3- होली खेलने के दौरान कॉन्टैक्ट लेंस बिल्कुल भी न पहनें। ऐसा करने से रंग उनपर जम सकता है, जिससे बाद में आंखों में जलन और इरिटेशन हो सकती है।

4- होली खेलने के दौरान अपने हाथ या कोई अन्य चीज आंखों से टच न करें। जितना हो सके आंखों को रंगों से बचाने की कोशिश करें।

इन चीजों से खेलें होली
हानिकारक रसायनों की बजाय आसानी से बेसन, पलाश के पत्तों, पानी में गलाकर रखी गईं बीटरूट यानी चुकंदर, मेहंदी पावडर, गुलमोहर, जासवंत या हिबिस्कस के फूलों तथा अन्य प्राकृतिक साधनों से सभी तरह के रंग घर पर आसानी से बन सकते हैं। बाजार में हर्बल गुलाल भी आसानी से उपलब्ध है, उसका भी प्रयोग किया जा सकता है।

धूप के चश्मे जरूर पहनें
जब कभी भी रंगों के आँखों के सम्पर्क में आने की आशंका हो, अपनी आँखों को पूरी तरह ढंक कर रखें। धूप के चश्मे जरूर पहनें, इस मामले में यह सबसे अच्छा विकल्प हैं। जब भी कोई रंग लगा रहा हो तो आंखों को बंद कर लें और हिले-डूले बिना आराम से रंग लगवाएं। ऐसा करने पर आंखों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचेगा। 

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