चीन से खफा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी भारत की तरह चीनी ऐप टिकटॉक को बैन करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए वह कई सारे विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं। बता दें कि कोरोना के प्रकोप के बाद से ही ट्रंप चीन पर बुरी तरह से खफा हैं।अमेरिका के राष्ट्रपति ने शुक्रवार (31 जुलाई) को एक बार फिर इस बात के संकेत दिए कि वे चीनी एप टिकटॉक पर प्रतिबंध लगा सकते हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के साथ 24 घंटे में अमेरिका में टिक टॉक पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।

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प्रतिबंध समेत अन्य विकल्पों पर विचार कर रहा ट्रंप प्रशासन

शुक्रवार को ही राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर टिकटॉक के खिलाफ कार्रवाई की बात दोहराई. ट्रंप ने कहा,’हमारा प्रशासन भी टिक टॉक पर एक्शन लेने के लिए इसका मूल्यांकन कर रहा है। एक प्रचलित चीनी वीडियो ऐप अब राष्ट्रीय सुरक्षा और सेंसरशिप के मुद्दे का एक स्रोत बन गई है।” शायद हम उसे बैन कर सकते हैं। हालांकि ट्रंप ने साथ ही कहा है कि हमारे पास कुछ और भी विकल्प हैं, लेकिन हम टिकटॉक के संबंध में बहुत सारे विकल्पों पर गौर कर रहे हैं।”

 

रिपब्लिकन सांसद लिख चुके हैं राष्ट्रपति ट्रंप को पत्र

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने टिकटॉक और अन्य सोशल मीडिया मंचों पर प्रतिबंध लगाने की प्रशासन की कोशिशों का समर्थन करते हुए सांसदो ने ट्रंप को लिखा, ‘हम आपके प्रशासन से अमेरिकी लोगों की निजता और सुरक्षा की रक्षा करने के लिए निर्णायक कार्रवाई करने का अनुरोध करते हैं। सांसदों ने ट्रंप को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि, इन लोकप्रिय ऐप्स की डेटा एकत्रित करने की प्रक्रिया चीन के उन सख्त साइबर सुरक्षा कानूनों से जुड़ी है,जिसमें चीन में काम कर रही सभी कंपनियों जिनमें टिकटॉक की मूल कंपनी बायटेडांस भी शामिल हैं। उन्हें सीसीपी अधिकारियों के साथ उपभोक्ता के डेटा साझा करने पड़े हैं,जोकि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।

इससे पहले जुलाई में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपिओ ने कहा था कि ट्रंप सरकार, गोपनीयता से जुड़ी चिंताओं को लेकर टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है।

 

अमेरिका में टिकटॉक के कारोबार पर नजर

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट अमेरिका में टिकटॉक के कारोबार के अधिग्रहण पर विचार कर रहा है। चीनी कंपनी बाइटडांस के प्रोडक्ट टिकटॉक पर लगातार चीन सरकार से यूजर्स का डेटा शेयर करने का आरोप लगता रहा है। ऐसे में अमेरिका में माइक्रोसॉफ्ट के अधिग्रहण से कंपनी संभावित प्रतिबंध से बचने की उम्मीद कर सकती है। हालांकि, अभी तक दोनों कंपनियों की ओर से इस पर कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आई है और वो इस मुद्दे पर बात करने से इंकार कर रहे हैं।

 

2017 में बाइटडांस ने खरीदा था म्यूजिकली

रिपोर्ट के मुताबिक, बाइटडांस ने 2017 में अमेरिकी वीडियो शेयरिंग एप म्यूजिकली (Musical.ly) को खरीद लिया था और इसे टिकटॉक में ही मिला लिया था। हालांकि 2019 में अमेरिका की एजेंसी CFIUS, जो देश में विदेशी कंपनियों द्वारा किए गए अधिग्रहण पर नजर रखती है, ने म्यूजिकली के अधिग्रहण प्रक्रिया की समीक्षा की थी।

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