राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण पर जमकर सियासत ( politics in Rajasthan ) देखने को मिल रही है आपको बता दें कि कभी वैक्सीन की कमी को लेकर सियासत शुरू हो जाती है तो कभी ऑक्सीजन की कमी को लेकर जुबानी जंग होने लगती है कभी श्री वैक्सीन को लेकर केंद्र तथा राज्य की लड़ाई खुले तौर पर सामने आ जाती है तो कभी गेंद एक दूसरे के पाले में डालकर गेंदबाजी करने का प्रयास होता दिख जाता है।

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कोरोना को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान मचा हुआ है दरअसल इस बार एक ट्वीट के जरिए घमासान की शुरुआत हुई सीएम अशोक गहलोत ने प्रदेश में ऑक्सीजन और दवाइयों की कमी के मामले में प्रदेश के सभी सांसदों से केंद्र में राजस्थान की बात गंभीरता से रखने की अपील की थी आपकी जानकारी के लिए बता दें लोकसभा के सभी 25 सांसदों ने लोकसभा में प्रदेश का नेतृत्व करने वाले सांसदों में से 24 बीजेपी और एक राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का है।

वहीं अगर रात सभा की बात करी जाए तो 10 में से 7 सांसद भारतीय जनता पार्टी के हैं सीएम अशोक गहलोत की अपील के बाद नागौर के लोकसभा सांसद हनुमान बेनीवाल ने ट्वीट के जरिए केंद्र सरकार से अपील तो की लेकिन उन्होंने प्रदेश सरकार को नसीहत भी दे दी।

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क्या किया ट्वीट ?

नागौर के राष्ट्र लोकतांत्रिक पार्टी से सांसद हनुमान बेनीवाल ने अशोक गहलोत सरकार पर पलटवार करते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री जी आपके स्मरण के लिए यह बता दूं कि सर्वप्रथम विगत वर्ष सांसद कोष में मैंने ₹5000000 वेंटिलेटर और अन्य उपकरणों के लिए स्वीकृत किए थे वही ₹200000 व्यक्तिगत रूप से कुरौना आपदा में दिए इसके साथ ही आरएलपी परिवार से सदस्यों और मित्रों के माध्यम से एक करोड़ से अधिक की राशि नागौर में कलेक्टर द्वारा बनाए गए कुछ और सी एम व पीएम रिलीफ फंड में दिलवाए। उन्होंने यह भी कह दिया कि स्वयं की जिम्मेदारी को ना भूले उसके बाद सांसद ने केंद्र सरकार से अपील की।

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