मोटापा इंसान की सेहत के लिए बड़ा हानिकारक होता है मोटापे से केवल शरीर भद्दा ही नहीं होता बल्कि शरीर के अंदर होने वाली कई प्रक्रिया कमजोर हो जाती है, मोटापा तिवारी है जो हर वर्ग के लोगों को देखने में मिल जाती है फिर चाहे वह बच्चा हो छोटा हो बड़ा हो या फिर वृद्ध व्यक्ति।

आज के दौर में भोजन बदल चुका है और लोग जिस तरीके के भोजन का इस्तेमाल कर रहे हैं जिस तरीके के भोजन का लोग दिन प्रतिदिन सेवन करते जा रहे हैं वह लोगों के मोटापे का कारण बनता जा रहा है। मोटापा बहुत सी बीमारियों को दावत देता है जैसे डायबिटीज ब्लड प्रेशर दिल की बीमारियां , किडनी की बीमारियां फैटी लीवर जैसी बीमारियां सब मोटापे की पैदाइश है।

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मोटापे से छुटकारा पाने के लिए लोग केवल कसरत पर निर्भर हो जाते हैं जिसके लिए वह कई प्रकार के जिम व अन्य डांस क्लास ज्वाइन कर लेते हैं लेकिन केवल कसरत से ही मोटापा कम ही होता है कसरत के अलावा भी बहुत सारी चीजें हैं जो इंसान के मोटापे को बढ़ाती है। शरीर के ज्यादा मोटे होने पर थायराइड जैसी हमारी भी देखने को मिलती है लेकिन हर मोटापा थायराइड का मोटापा नहीं होता है।

अगर आप भी मोटापे से परेशान हो चुके हैं और तरह-तरह के दवाइयां इस्तेमाल कर चुके हैं तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं जो काम आपका जिम नहीं करा पाया वह आपको आयुर्वेदिक दवाइयों से अवश्य हो जाएगा। क्योंकि आयुर्वेद में मोटापे से छुटकारा का इलाज है शरीर के निर्माण में रस रक्त मास में अस्थि मज्जा और शुक्र कुल सात धातुओं का योगदान होता है इनमें से सभी धातुओं का अलग-अलग महत्वपूर्ण कार्य होता है।

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नेट का कार्य शरीर में इसलिए गुण बनाए रखने का होता है तो वही मैथ से अस्तिया बनती है हस्तियों के अंदर रहने वाले लाल वर्ण के मैथ से रक्त यानी ब्लड का निर्माण होता है। आयुर्वेद के जाने-माने आचार्य की माने तो मोटापे के कारण शरीर में तो परेशानियां होती ही होती है साथ ही जोड़ों में दर्द की समस्या भी होने लगती है जिससे इंसान का चलना फिर तो मुश्किल हो जाता है । यह कारण खून का शरीर में कम बनना होता है इस ईमेल की वृद्ध से पेट के ऊपर और कमर पर चर्बी इकट्ठा होने लगती है और शरीर से दुर्गंध आने लगती है।

बीएमआई यानी बॉडी मास इंडेक्स। बीएमआई निकालने के लिए सबसे पहले अपना वजन करें। मीटर में अपनी ऊंचाई देखें। ऊंचाई का वर्ग निकाल लें और वजन में भाग दें। अब जो वैल्यू आती है वही आपकी बीएमआई है। बीएमआई से जानें वजन

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18.5 से कम बीएमआई यानी अंडरवेट।

18.5-25 के बीच बीएमआई यानी हेल्दी वेट।

25-30 से बीच बीएमआई यानी ओवरवेट।

30-40 के बीच बीएमआई यानी मोटापे से ग्रस्त।

40 से ज्यादा बीएमआई मतलब ज्यादा मोटापा। कैसे और क्यों आता है मोटापा- 1. अधिक मात्रा में भोजन करना

2. दही, पनीर, फुल क्रीम दूध या दूध के उत्पादों का अधिक सेवन।

3. मिठाई का जरूरत से ज्यादा सेवन।

4. खाने के तुरंत बाद पानी पी लेना।

5. चावल या गेहूं से बनीं चीजों का ज्यादा सेवन।

6. दोपहर के भोजन के तुरंत बाद सो जाना।

7. खान-पान का गलत मेल, जैसे दूध के साथ केला या मासाहारी भोजन करना।

8. वसायुक्त भोजन का अधिक सेवन।

9. शर्करायुक्त भोजन करना।

10. कोई मेहनत का काम नहीं करना।

11. आलस्य पूर्वक रहना।

12. हमेशा सोते रहना। मोटापे का इलाज

आयुर्वेद में ऐसी बहुत सी औषधियों हैं जो मोटापे के लिए बेहद फायदेमंद हैं और इनके उपयोग से मोटापे को दूर किया जा सकता है।

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1. गुडूची, नागरमोथा, त्रिफला का सेवन मधूदक यानी शहद के पानी के साथ लेने से मोटापा कम होता है।

2. अमला के चूर्ण, शुंठी, क्षार आदि के प्रयोग से मोटापा कम किया जा सकता है।

3. जौ के आटे, बृहद पंचमूल के सेवन से लाभ मिलता है।

4. अग्निमंथ का सेवन शिलाजीत के साथ करने से भी मोटापा दूर होता है।

5. खान पान के अलावा रातभर जागने से, व्यायाम से और मानसिक परिश्रम से भी वजन कम होता है।

6. पंचकर्म चिकित्सा विधाओं जैसे वमन, विरेचन, उपवर्तन, स्वेदन और वस्ति द्वारा भी मोटापे को नियंत्रित किया जा सकता है।

7. कम प्रोटीन और वसा वाली हल्की दालों मूंग, मसूर को प्राथमिकता देनी चाहिए। उड़द राजमा छोले आदि से परहेज करना चाहिए।

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