केंद्र कैबिनेट ने कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट करवाने के लिए नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी बनाने की मंजूरी दी है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावेडकर ने बुधवार को कैबिनेट के बाद यह जानकारी दी। सीईटी के लिए राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी की स्थापना को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बड़े ऐतिहासिक सुधारों में से एक बताया है। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय किया गया।

centre to set  up national recruitment agency


 

कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट होने से क्या होगा फायदा

केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए अलग-अलग एजेंसी परीक्षाएं करवाती हैं। इसके लिए कैंडिडेट्स को बार-बार फीस देनी पड़ती है। इसके साथ ही परीक्षा देने के लिए लंबी दूरी का सफर भी करना पड़ता है, लेकिन अब इन सब से छुटकारा मिल जाएगा। स्टाफ सलेक्शन कमीशन (SSC), रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB), इंस्टिट्यूट ऑफ बैंकिंग सर्विस पर्सनल (IBPS) की पहले स्टेज की परीक्षा अब नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी कॉमन करवाएगी।

 

कॉमन एंट्रेंस टेस्ट की मेरिट लिस्ट 3 साल तक रहेगी वैलिड

सरकार ने बताया कि केंद्र सरकार की 20 से ज्यादा रिक्रूटमेंट एजेंसी हैं। इनमें से सिर्फ तीन एजेंसियों के एग्जाम कॉमन करवाए जा रहे हैं। मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि कॉमन एंट्रेंस टेस्ट की मेरिट लिस्ट 3 साल तक वैलिड रहेगी। इस दौरान कैंडिडेट्स योग्यता और प्राथमिकता के हिसाब से अलग- अलग सेक्टर में नौकरियों के लिए आवेदन कर सकते हैं। साथ ही केंद्रीय मंत्री ने कहा इन पदों की भर्ती के लिए प्रत्येक जिले में परीक्षा केंद्रों पर कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन सीईटी आयोजित करवाने के लिए राष्ट्रीय भारतीय एजेंसी की स्थापना की गई है सरकारी नौकरी पाने के लिए इच्छुक कैंडिडेट्स के लिए अब काफी आसानी होगी।

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