देशभर में कोरोना कहर तेजी से बढ़ता जा रहा है।  जिसके बाद कारोबार पर व्यापक असर पड़ने लगा है। गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) होम स्टे, हट्स, कॉटेज, रेस्टोरेंट से जुड़ी बुकिंग रद्द होने लगी हैं। बीते एक सप्ताह में केदारनाथ सहित पर्यटक स्थल चोपता से जुड़ी 10 लाख से अधिक की बुकिंग रद्द हो चुकी हैं, जिससे कारोबारी खासे परेशान हो चुके हैं। 

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14 मई को अक्षय तृतीया पर यमुनोत्री धाम और 15 मई को गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का शुभारंभ हो जाएगा। वहीं, 17 मई को केदारनाथ व तृतीय केदार तुंगनाथ और 18 मई को बदरीनाथ धाम की यात्रा शुरू होगी। इस बार, स्थानीय लोगों के साथ ही कारोबारियों में यात्रा के वृहद संचालन की उम्मीद थी।

केदारघाटी सहित अन्य क्षेत्रों में तैयारियां भी शुरू हो गई थी। लेकिन संक्रमण की दूसरी लहर ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। हालात यह है कि गढ़वाल मंडल विकास निगम को मिली तीन करोड़ की बुकिंग में बीते एक सप्ताह में आठ लाख की बुकिंग रद्द हो चुकी है।  ऊखीमठ के किमाणा गांव में होम स्टे का संचालन करने वाले डा. कैलाश पुष्पवाण ने बताया कि अप्रैल माह के लिए उनके पास दिल्ली, बंगलूरू, गुजरात, मध्य प्रदेश की 10 से अधिक बुकिंग थी, लेकिन ये सभी रद्द हो चुकी है।

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जबकि  केदारघाटी, तुंगनाथ घाटी व मद्महेश्वर घाटी में होम स्टे संचालकों की लगभग दो लाख की बुकिंग भी रद्द हो गई है। रद्द हुई बुकिंग में 17 से 25 मई तक की पांच सौ रूम, कॉटेज और ध्यान गुफा की बुकिंग भी शामिल हैं। साथ ही प्रतिदिन कार्यालय को 15 से 20 मेल मिल रही है, जिसमें बुकिंग को आगे बढ़ाने की बात कही जा रही है। जीएमवीएन के अधिकारियों का मानना है कि जिस तरह के हालात हैं, ऐसे में जिन लोगों ने अपनी बुकिंग रद्द कराई है, उनका दोबारा बुकिंग कराना मुश्किल है।

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