भारतीय क्रिकेट जगत को हार्दिक पंड्या के रूप में एक उभरता सितारा मिला है। इस युवा खिलाड़ी की काबिलियत के कायल भारतीय टीम के कप्तान धोनी भी हैं। आइए जानते हैं कौन हैं पंड्‍या और कैसे हुई शुरुआत?

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भारतीय टीम के पूर्व विकेट कीपर किरन मोरे की वरोदरा स्थित क्रिकेट अकादमी में एक पिता (हिमांशु) अपने दो बेटों को लेकर पहुंचा। यह आदमी सूरत से आया था और उसके साथ उसके बेटे कुनाल (7) और हार्दिक (5) थे। हिमांशु ने कहा वह वरोदरा शिफ्ट होने के लिए भी तैयार है। मोरे फैसला नहीं कर पा रहे थे क्योंकि दोनों बच्चे छोटे थे। उन्होंने बच्चों के लिए इंकार कर दिया। हिमांशु ने एक बार बच्चों को खेलते देखने की गुजारिश की। मोरे इन नन्हें बच्चों के प्रदर्शन से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपना फैसला तुरंत बदला।   हार्दिक पंड्या का जन्म 11 अक्टूबर 1993 को हुआ।

उन्होंने  वरोदरा की तरफ से खेलना शुरू किया। हार्दिक एक ऑलराउंडर हैं जो दाहिने हाथ के बल्लेबाज और मीडियम फास्ट गेंदबाज हैं। उन्हें 2016 आईसीसी वर्ल्डकप की ट्वंटी20 टीम और एशिया कप के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है।  घरेलू क्रिकेट खेलने की शुरूआत हार्दिक ने 2013 में की। वरोदरा की टीम सैयद मुश्ताक अली ट्राफी के ओपनिंग मैच में दयनीय स्थिति में थी जब हार्दिक बैटिंग करने आए। उन्होंने 57 बॉल पर 82 रन बनाकर टीम को मुसीबत से उबारा। इसी मैच में टीम की जीत के साथ, हार्दिक ने जहीर खान, धवल कुलकर्णी और प्रवीन तांबे जैसे सितारा क्रिकेटरों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

 इसके अलावा वे भारतीय टीम के पूर्व कोच जॉन राइट को पसंद आ गए थे। 2015 के लिए, मुंबई इंडियंस ने उन्हें 10 लाख रूपए के बेस प्राइस पर खरीद लिया। उनके अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए, सचिन तेंदुलकर ने हार्दिक से कहा कि वह अब भारत के लिए खेलेंगे। 

हार्दिक पंड्या ने अपने ट्वंटी20 इंटरनेशनल करियर की शुरूआत 26 जनवरी 2016 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलते हुए की। हार्दिक पंड्या को ‘आईपीएल ब्रीड’ माना जाता है। इस कैटेगोरी के खिलाड़ी लगातार टीवी पर कवर किए जाते हैं। हालांकि हार्दिक पंड्या का प्रदर्शन बल्लेबाज के तौर पर अधिक बेहतर रहा है, उनकी गेंदबाजी भी प्रभावी रही है।

हार्दिक पंड्या के पिता हिमांशु पंड्या एक फिनांस का बिजनेस करते थे लेकिन उनका बिजनेस ठप होने के वजह से वह अपने परिवार के साथ वडोदरा में एक भाड़े के घर में बस गए। उनके पिता क्रिकेट के शौकीन थे। उन्हें अपने बेटों को यानी हार्दिक और कृणाल को क्रिकेटर बनाने का सपना था

हार्दिक ने अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी और अपना फोकस क्रिकेट में लगाया। हार्दिक और उनके भाई कृणाल एक छोटे से गाड़ी में खेल के मैदान तक जाया करते थे। पैसे ना होने की वजह से वे अच्छे ब्रांड के जूते और किट नहीं खरीद पाते थे। हार्दिक आज देश के सबसे महंगे खिलाड़ियों में जाने जाते हैं। उनके संघर्ष और मेहनत ने उन्हें देश का स्टार खिलाड़ी बनाया है।

इनके शुरुवाती प्रदर्शन जिनसे इन्हें रातोरात सफलता मिली :

  1. IPL 2015 में, इन्होने CSK के खिलाफ 8 बॉल्स पर 21 रन बनाये साथ ही 3 महत्वपूर्ण कैच भी पकड़े . इस मैच में MI को 6 विकेट से जीत मिली और हार्दिक को मैन ऑफ़ द मैच का ख़िताब .
  2. इसके बाद KKR के खिलाफ उम्दा प्रदर्शन करते हुए हार्दिक ने 31 बॉल्स पर 61 रन बनाये और फिर से टीम को अपने बलबूते पर जीत दिलाई साथ ही फिर से मैन ऑफ़ द मैच का ख़िताब अपने नाम किया .
  3. इन्हें एस बैंक मैक्सिमम सिक्स अवार्ड्स भी प्राप्त हुआ .
  4. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 2016 मैच में 2 महत्वपूर्ण विकेट लिए. इसी मैच से इन्होने भारत के लिये खेलना शुरू किया .

हार्दिक पंड्या एक ऐसे खिलाडी हैं जो मानसिक दबाव में बेहरत खेल सकते हैं . IPL 2015 में यह बात देखी गई . जब RCB के खिलाफ 18 वे ओवर में आठवे नम्बर पर उतरने के बाद हार्दिक ने अपनी पहली बॉल पर छक्का मारा, फिर दो बॉल के बाद वापस एक जोरदार छक्का मारा जबकि वो हार्दिक का पहला मैच था जिसमे उन्होंने हरभजन सिंह के साथ साझेदारी की और टीम की जीत में अपना रोल अदा किया . इंडियन टीम को प्रेशर में खेलने वाले खिलाडियों की जरुरत हैं और शायद भविष्य में हार्दिक वो हो सकते हैं .

2015 IPL MI की जीत के बाद पोंटिंग ने हार्दिक के लिए बहुत अच्छे भविष्य की उम्मीद जताई और कहा कि सभी उनके KKR और CSK के प्रदर्शन को याद रखेंगे लेकिन मेरे लिए उनका RCB के खिलाफ प्रदर्शन ज्यादा यादगार हैं . उस मैच में हार्दिक का प्रदर्शन काबिले तारीफ था उन्होंने लास्ट ओवर में 19 रन बनाये . पोंटिंग हार्दिक से बहुत प्रभावित हैं और उनके साथ आगे भी टूनार्मेंट शेयर करना चाहते हैं .

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पोंटिंग इस उभरते हो टैलेंट को नजदीक से देखना चाहते हैं उनका मानना हैं हार्दिक में उत्साह हैं और निडरता जो किसी छोटे बच्चे में होती हैं अगर वे सही तरह से अपने हुनर का इस्तेमाल कर पाए तो काफी आगे जायेंगे इनका आत्मविश्वास काबिले तारीफ हैं .

हार्दिक MI के लिए तो काफी लकी साबित हुए इनके आने से मुंबई इंडियन्स ने अपना पहला आईपीएल ख़िताब जीता .अब देखना यह हैं कि हार्दिक पंड्या भारतीय टीम में अपना क्या योगदान देते हैं और टीम में कैसा मुकाम पाते हैं 

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