लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती , कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती यह कविता हरिवंश राय बच्चन जी द्वारा भले ही 90 की दशक में लिखा गया हो लेकिन सफलता का उदाहरण विलियम कोलगेट ने हमें 1806 में ही दे दिया थे ।

विलियम कोलगेट एक अंग्रेजी अमेरिकी साबुन उद्योगपति थे , जिन्होंने 1806 में कोलगेट पाल्मोलिव कंपनी की स्थापना की थी । कोलगेट वह टूथपेस्ट है जिससे हमारी सुबह की शुरुआत होती है । लेकिन यह कंपनी मौखिक स्वच्छता के साथ डिटर्जेंट और साबुन से युक्त व्यक्तिगत देखभाल उत्पादों का उत्पादन और विपणन भी करती है । कोलगेट पाल्मोलिव का मुख्यालय 300 पार्क एवेन्यू , न्यू यॉर्क में स्थित है । भले ही इस कम्पनी को बने लगभग 2 सेंचुरी हो चुके हैं लेकिन आज भी इस कंपनी के प्रोडक्ट्स हमारे दिनचर्या में शामिल हैं ।

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प्रारंभिक जीवन
विलियम कोलगेट का जन्म 25 जनवरी , 1783 को इंग्लैंडक हिलिंगबोर्न , केंट में हुआ था । उनके पिता जी का नाम रॉबर्ट कोलगेट और माता जी का नाम सारा कोलगेट था । रॉबर्ट कोलगेट एक अंग्रेजी किसान , राजनेता और अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम और फ्रेंच क्रांति के प्रति सहानुभूति रखने वाले व्यक्ति थे ।

कुछ साल बाद उन्हें अपने पूरे परिवार के साथ 1798 में केंट से मैरीलैंड शिफ्ट होना पड़ा । जिसके बाद उन्होंने राल्फ मैहर के साथ एक साझेदारी की और साबुन और मोमबत्तियों का निर्माण करने लगे , वहीं विलियम भी इस व्यवसाय में अपने पिता की मदद करते थे । लेकिन यह साझेदारी 2 साल के लिए ही चल पाई और फिर से उन्हें मैरीलैंड छोड़ डेलावेयर कंट्री , न्यू यॉर्क में जाना पड़ा ।

विलियम के परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो चुकी थी इसलिए 1804 में जब विलियम केवल 16 साल के थे वे अपने परिवार की मदद करने के लिए साबुन–बॉयलर में अप्रेंटिस के रूप में काम करने लगे थे । इस बीच उन्होंने अपने नियोक्ता द्वारा प्रचलित तरीकों को बारीकी से देखा , जो उनके स्वयं के मार्गदर्शन के लिए उपयोगी साबित हुए । उन्होंने यह भी जाना की व्यवसाय करते समय लोग गलतियां कहां कर रहे हैं और उन्हें नुकसान कैसे हो रहा है ।

कोलगेट पाल्मोलिव कंपनी की स्थापना
2 साल तक लगातार वहां काम करने के बाद उन्होंने उसे छोड़ दिया और एक छोटे लेवल पर 1806 में डच स्ट्रीट पर मैनहट्टन में स्टार्च , साबुन और मोमबत्ती का व्यवसाय स्थापित किया । और इस कंपनी का नाम उन्होंने विलियम कोलगेट एंड कंपनी रखा । उनका यह व्यवसाय काफी अच्छा और फाकी तेजी से चल रहा था । 1820 में उन्होंने जर्सी सिटी के हडसन में एक स्टार्च का कारखाना शुरू किया । विलियम ने जीवन में समृद्धि से अपने लक्ष्य का पालन किया और न्यू यॉर्क शहर में सबसे समृद्ध पुरुषों में से एक बन गए थे ।

दुर्भाग्य से , इस बीच उन्हें कई बार दिल का दौरा पड़ा और उनका स्वास्थ्य बिगड़ने लगा । कई वर्षों तक वह व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित नहीं कर सके । नतीजतन उनकी कंपनी घाटे में चली गई , लेकिन स्वास्थ्य के सुधारने के बाद उन्होंने फर्ज वापसी की और इस बार काम पर वापस लौटने के बाद उन्होंने व्यवसाय की बिक्री और मुनाफे को दो गुना का दिया था ।

12 मार्च 1857 को उन्होंने अंतिम सांस ली और दुनिया को अलविदा कह दिया था । उनके बाद , उनके तीन बेटों ने व्यवसाय को संभाला । उन्होंने मौखिक स्वच्छता के संदर्भ के इसे आगे बढ़ाया जो की कोलगेट टूथपेस्ट था ।

उन्होंने कंपनी का पहला टूथपेस्ट 1873 में बनाया । शुरुआत में कोलगेट टूथपेस्ट एक कांच के जार में आता था । पैकेजिंग में समय और विकास के साथ , यह जार के बजाए ट्यूब्स में उपलब्ध होने लगा ।  बाद में 1896 में इस कंपनी ने पाल्मोलिव कंपनी के साथ भी काम किया और इत्र , शेविंग क्रीम आदि भी बनाया ।

विलियम एक दान देने वाले व्यक्ति थे , इसलिए उन्होंने अपनी आय का बहुत हिस्सा दान भी किया । धीरे धीरे बढ़ती आय के साथ वह अपनी आय का 50% दान करने लगे थे ।

विलियम कोलगेट ने हैमिल्टन लिटरेरी और थियोलॉजिकल इंस्टीट्यूशन (बाद में मैडिसन यूनिवर्सिटी और थियोलॉजिकल सेमिनरी ) के खर्चों में सहायता करने के लिए सालाना सदस्यता ली थी और वह रोचेस्टर शहर को हटाने के सबसे बड़े कट्टर विरोधियों में से भी थे । विलियम की भागीदारी के सात दशकों के बाद , स्कूल को 1890 में कोलगेट विश्वविद्यालय का नाम दिया गया ।


विलियम बैपटिस्ट मिशनरी यूनियन के फंड में एक नियमित योगदानकर्ता थे , और उन्होंने खुद एक विदेशी मिशनरी का पूरा समर्थन दिया था ।

आज इस कंपनी में हजारों लोग काम करते हैं । और यह दुनिया की 59 वीं सबसे मूल्यवान ब्रांड है ।
75 देशों में संचालित , कोलगेट पाल्मोलिव 200 देशों में अपने उत्पादों का विपणन कर रहा है । यह कंपनी अपने विभिन्न उत्पादों के विभिन्न ब्रांडों के तहत काम करती है । कोलगेट एक ब्रांड नाम है जो इसे ओरल केयर उत्पादों के लिए उपयोग करता है ।

पाल्मोलिव नाम के ब्रांड के साथ , यह व्यक्तिगत उत्पादों का विपणन करता है । कंपनी में कुछ अन्य ब्रांड नाम एलमेक्स , प्रोटेक्स , एजैक्स , कोलिनॉस , टॉम्स मेन , आयरिश स्प्रिंग , एशन और सॉफ्ट सोप हैं । कंपनी की लगभग 75% बिक्री संयुक्त राज्य अमरीका के बाहर है । दुनिया तक पहुंचने के लिए कंपनी के पांच विभाग हैं ; उत्तर अमेरिका , दक्षिण अमेरिका , यूरोप / दक्षिण प्रशांत , ग्रेटर एशिया और अफ्रीका ।

दो से अधिक शताब्दियों के दौरान कोलगेट पाल्मोलिव सबसे पुरानी कंपनियों में से एक है जो अभी तक जीवित है । फोर्ब्स पत्रिका ने अपने 2015 के सर्वेक्षण में काम करने के लिए कोलगेट की पहचान सबसे अच्छी कंपनियों के रूप में की है । टोम्स ऑफ मेन को भी पत्रिकाओं में शीर्ष 50 ग्रीन ब्रांड्स में जगह मिली है । यू. एस. ई. पी. ए. ने कोलगेट को वर्ष 2015 का एनर्जी स्टार पार्टनर पुरस्कार दिया । फॉर्च्यून पत्रिका के अनुसार कोलगेट पाल्मोलिव दुनिया की सबसे प्रशंसित कंपनियों में से एक है ।

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सितंबर 2020 में कम्पनी का शुद्ध लाभ 1,221.80 करोड़ रुपए में 5.21% बढ़ कर 1,285.48 करोड़ रुपए हुआ था ।त्रैमासिक शुद्ध लाभ 244.11 करोड़ में 12.32% की वृद्धि हो कर 274.19 करोड़ हो गई थी और कोलगेट पाल्मोलिव की ई. बी. आई. टी. डी. ए. 331.60 पाउंड में 25.71% बढ़ कर 416.86 करोड़ रुपए हो गया है ।

महान सामाजिक प्रतिबद्धता के साथ कोलगेट पाल्मोलिव वर्षों से दुनिया की देखभाल कर रहा है । दुनिया की सबसे प्रशंसित कंपनियों में से एक कोलगेट भी अपने एम्प्लॉय के लिए काम करने की एक अच्छी जगह बनाती है ।

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