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भारत चीन सीमा तनाव अभी भी बरकरार है। पूर्व लद्दाख और पैंगोल त्सो के फिंगर इलाकों में अभी भी गतिरोध जारी है। सरकार की तरफ से आई सूचना के मुताबिक भारतीय नौसेना ने दक्षिण चीन सागर में तैनाती के लिए अपने युद्धपोत भेज दिए थे। इस बात से चीन ने काफी नाराजगी जताई और इसे दोनों पक्षों के बीच वार्ता के दौरान भी उठाया, चीन ने हमेशा से ही इस क्षेत्र में भारतीय नौसेना के जहाजों की उपस्थिति पर आपत्ति जताई है।

 

2009 से लेकर अब तक चीन ने इस इलाके में कृत्रिम द्वीपों और बड़े पैमाने पर सैन्य मौजूदगी से अपनी स्थिति मजबूत की है।

 

कई बार हुई है सैन्य वार्ता

लद्दाख की मौजूदा स्थिति को देखने के बाद नौसेना के शीर्ष कमांडरों की मीटिंग हुई है। इस मीटिंग में पीपल्स लिबरेशन आर्मी नेवी की गतिविधियों से निपटने के लिए चर्चा की गई थी। बीते तीन महीनों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक वार्ता हो चुकी है। अब सैन्य कमांडरों ने LAC पर मौजूद कमांडिंग अफसरों  से किसी भी स्थिति में पूरी तरह तैयार रहने के लिए कह दिया है।

 

सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया ‘गलवान घाटी में हुई झड़प से हमारे 20 जवानों को जान गवानी पड़ी। इस झड़प के तुरंत बाद भारतीय नौसेना ने अपने फ्रंटलाइन युद्धपोत को दक्षिण चीन सागर में तैनात कर दिया। जहां पीपल्स लिबरेशन आर्मी PLA किसी भी अन्य ताकत का विरोध करती है। और अपने बड़े जल क्षेत्र का दावा करती है’।

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