उत्तराखंड में कर्फ्यू के बाद कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए सीएम तीरथ सिंह रावत ने रविवार शाम अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई। शनिवार को दो दिन के कर्फ्यू के आदेश के बाद अब प्रदेश सरकार ने और सख्ती बढ़ा दी है। अब प्रदेश में विवाह समारोह में 200 नहीं केवल 100 लोग ही शामिल हो सकेंगे। साथ ही कोरोना से बचाव के नियमों को तोड़ने और मास्क न पहनने पर जुर्माने की राशि भी 300 रुपये से बढ़ा कर 500 रुपये कर दी गई है। 

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वहीं, सीएम ने कहा कि कोविड 19 के उपचार से संबंधित दवाइयों की ब्लैक मार्केटिंग कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार की टेस्ट , ट्रैक और ट्रीट ही सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को होम आइसोलेशन में कोविड किट तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को 24 घंटे कोविड केयर सेंटर और अस्पतालों की व्यवस्था पर ध्यान देने के भी निर्देश दिए।

भविष्य में स्थिति ज्यादा न बिगड़ने देने के लिए वर्तमान में लागू गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन करवाने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सीमा पर जरूरत के हिसाब से चेकपोस्ट स्थापित करने और बिना आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट के किसी को भी आने की अनुमति न देने, अधिक से अधिक टेस्टिंग पर फोकस करने को भी कहा गया है।
-तीरथ सिंह रावत, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

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चारधाम यात्रा के लिए नेगेटिव रिपोर्ट जरूरी
चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब की यात्रा पर आने वालों के लिए आरटीपीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट जरूरी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल के लिए यह व्यवस्था की जाए। वहीं, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने भी स्पष्ट किया कि चारधाम के लिए तीन नहीं, सिर्फ एक ही टेस्ट की रिपोर्ट जरूरी है।

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