राफेल लड़ाकू विमान एक लंबे समय से चल रहे राजनीतिक विवादों में पड़ने के बाद, आखिरकार अब भारत में प्रवेश लेने जा रहा है। बुधवार को लड़ाकू विमान भारत की धरती पर होंगे। इन दिनों चीन से चल रही तनातनी के बीच राफेल का भारत में आना देश की आंतरिक शक्ति को मजबूती देगा। न्यूज एजेंसी से मिली जानकारी के मुताबिक भारतीय वायुसेना ने फ्रांस के इस सहयोग के लिए शुक्रिया जताया है।

rafales, indian air force


 

तैयार है अंबाला एयरबेस

अंबाला एयरबेस को राफेल के आगमन के हिसाब से तैयार किया जा चुका है। अंबाला एयरबेस के आसपास 4 गांव में 144 धारा को लागू कर दी गई है। साथ ही फाइटर जेट की लैंडिंग के दौरान लोगों की छत पर भीड़ और फोटोग्राफी पर सख्त पाबंदी लगा दी गई है। किसी के भी ऐसा करने पर उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।

फाइटर जेट सोमवार को हुआ था फ्रांस से रवाना 

फ्रांस के मेरिनेक एयरबेस से राफेल की पहली खेप सोमवार को रवाना हो गई थी। पायलटों के आराम के लिए विमानों को यूएई में रोका गया है। सात हजार किमी. की दूरी तय कर लड़ाकू विमान बस कुछ घंटों बाद भारत पहुंचने वाले हैं। मिराज 2000 जब भारत आया था तो कई जगह रुका था, लेकिन राफेल एक स्टॉप के बाद सीधे अंबाला एयरबेस पर  लैंड करेंगे।

दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार

भारत को फ्रांस से 36 राफेल मिलने हैं, जिसमें से अभी पांच राफेल मिल रहे हैं। राफेल की पहली खेप की तैयारी अंबाला में की जाएगी। जो कि चीन के बॉर्डर से 300 किमी. की दूरी पर होगा। साफ शब्दों में कहें तो दुश्मन के हरकत करने पर तुरंत एक्शन लेने की तैयारी की जा रही है। जानकारी के मुताबिक 36 राफेल विमानों की डिलिवरी 2021 तक पूरी हो जाएगी

Follow Us