gandhi jayanti the india rise news


राष्ट्रपिता (Father of Nation ) महात्मा गांधी का जन्म 151 साल पहले 2 अक्टूबर 1869 को हुआ। यह दिन पूरे देश में गांधी जयंती के रूप में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन को विश्व अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।

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इस खास दिन पर पूरा देश महात्मा गांधी यानी कि बापू को याद करता है। बापू का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी है। गांधी जी सत्य और अहिंसा के पुजारी थे। विश्व पटल पर अहिंसा के के प्रतीक माने जाते है।

मोदी सरकार ने चलाया सफाई अभियान

बापू जिन आदर्शों पर चले उन्ही को आधार बनाकर सरकार अभियान चलती है। मोदी सरकार का सफाई अभियान खासतौर पर मशहूर हुआ। नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के मंदिर मार्ग पुलिस थाने में स्वच्छता अभियान 2 अक्टूबर को शुरू किया था।

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स्वच्छता को लेकर महात्मा गांधी की कही गईं बातें

● महात्मा गांधी ने कहा था कि राजनीति स्वतंत्रता से ज्यादा जरूरी स्वच्छता है।

● यदि कोई व्यक्ति स्वच्छ नहीं है तो वह कभी स्वस्थ नहीं रह सकता।

● बेहतर साफ सफाई से ही भारत के गांव को आदर्श बनाया जा सकता है।

● शौचालय के अपने ड्रॉइंग रूम की तरह साफ रखना चाहिए।

● नदियों को साफ रखकर हम अपनी सभ्यता को जिंदा रख सकते हैं।

● अपनी अंदर की स्वच्छता पहली चीज है। जिसे पढ़ाया जाना चाहिए। बाकी बातें इसके बाद होनी चाहिए।

● हर किसी को अपना कूड़ा खुद साफ साफ करना चाहिए।

● मैं किसी को गंदे पैर से अपने मन से नहीं गुजरने दे सकता।

● अपनी गलती को स्वीकार झाड़ू लगाने के समान है। जो सतह को चमकदार और साफ कर देता है।

● स्वच्छता को अपने आचरण में इस तरह अपना लो की वह आपकी आदत बन जाए।

 

महात्मा गांधी से जुड़ी खास बातें

शाकाहरी भोजन और व्यायाम :- 

शाकाहारी भोजन और व्यायाम गांधी जी के अच्छे स्वास्थ्य का राज था। वे ज्यादातर खुली हवा में रहना पसंद करते थे।

इतने किलोमीटर चलते थे पैदल 

महात्मा गांधी अपने जीवन में प्रत्येक दिन 18 किलोमीटर पैदल चलते थे। उनका जीवनकाल धरती के चक्कर के चक्कर लगाने बराबर था। सोर्स के मुताबिक जब महात्मा गांधी लंदन में थे वे 8 मील पैदल चला करते थे।

गीता का पालन

कहते हैं कि उत्पत्ति सबसे पहले मन मस्तिष्क में होती है। सकारात्मक विचार रोग को पैदा होने से रोक देते हैं। महात्मा गांधी को भगवान महावीर, महात्मा बुद्ध और भगवान श्री कृष्ण के उद्देश्यों का पालन करते थे। उनके पास हमेशा गीता रहती थी।

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