finance minister nirmala sitharaman the india rise news

 


कोरोना काल में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के आदेश पर लोन मोराटोरियम पीरियड की घोषणा की गई थी। पहले मार्च महीने से मई तक लागू किया गया था, लेकिन उसके बाद इसकी अवधि बढ़ाकर 31 अगस्त तक कर दी गई थी। जो अब समाप्त हो गई है ( 6 महीने तक के लिए लागू की गई थी जिसके समाप्त होने की अवधि अगस्त की आखिरी तारीख थी ) बकाया भुगतान पर कर्जदाताओं को सहूलियत देने के लिए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 3 सितंबर को बैंक प्रमुखों के साथ बैठक करेंगी। इसमें बैंक NBFC की योजना को सुचारू रूप से लागू करने को कहा जाएगा। वर्तमान हालात को देखते हुए RBI ने मॉनिटरी पॉलिसी की बैठक में लोन री-स्ट्रक्चरिंग की घोषणा भी की थी।

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वित्तमंत्री की 3 सितंबर को बैंक प्रमुखों के साथ बैठक

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 3 सितंबर को बैंक प्रमुखों के साथ बैठक करेंगी। बैठक में योजनाओं के सुचारू रूप से चलने और क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। वित्तमंत्री ने रविवार को जारी बयान में कहा कि यह बैठक कारोबारियों और व्यक्तिगत कर्जदाताओं को पूंजी संकट से बचाने के लिए की जा रही है। बैंकों और NBFC के शीर्ष प्रबंधन के साथ वित्तमंत्री Covid-19 संबंधी जोखिम वाले कर्ज के समाधान ढांचे और इसके बेहतर क्रियान्वयन पर बातचीत होगी। भारतीय रिजर्व बैंक ने इस महीने की शुरुआत में कहा कि वे कम्पनियों और खुदरा कर्ज ले रहे लोगों को राहत देने के लिए एकबारगी पुनर्गठन की मंजूरी देगा।

 

6 अगस्त को जारी किया था नोटिफिकेशन

RBI ने 6 अगस्त को नोटिफिकेशन जारी किया था। इसमें रूपरेखा पात्रता का मानदंडों दिया था। इस पुनर्गठन का लाभ वे कर्जदार ले सकते हैं जिनके लोन की किस्त एक मार्च तक आ रही थी और चूक 30 दिन से अधिक का नहीं होना चाहिए। इसके अलावा RBI द्वारा गठित केवी कामत समिति इस बारे में  वित्तीय मानदंडों पर काम कर रही है। समिति की सिफारिश को उसके गठन के 30 दिनों के भीतर अधिसूचित किया जाना है। यानी कि 6 सितंबर तक नोटिफिकेशन आ जाएगा।

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