BCCI ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 13वें सत्र से चीनी कंपनी को वीवो को टाइटल प्रायोजक से हटा दिया है। साल 2008 में इस लीग की शुरुआत हुई थी। अब तक 12 सीजन हो चुके हैं। ड्रीम11 को आईपीएल के 13वें सीजन का टाइटिल प्रायोजक बनाया गया है। इसी के साथ आईपीएल के अब तक 4 टाइटल स्पॉन्सर हो चुके हैं। आइए जानते हैं कि अब तक कौन-कौन सी कंपनियां आईपीएल का प्रायोजक रही हैं।

 

ड्रीम11 बना आईपीएल के 13वें सीज़न का टाइटल स्पॉन्सर, 222 करोड़ में हासिल किए अधिकार


■  13 साल में IPL के 4 टाइटिल प्रायोजक

साल 2008 में पहली बार जब इस टी20 लीग की शुरुआत हुई तो भारतीय रियल स्टेट कंपनी DLF के साथ 5 साल के लिए करार हुआ था। इसके बाद 2013 में अमेरिका की कोल ड्रिंक कंपनी पेप्सी को के साथ 5 साल का करार हुआ। 2017 में चीनी मोबाइल कंपनी वीवो को साथ 5 साल का करार किया गया था। हालांकि भारत चीन विवाद के कारण यह डील एक साल के लिए रदद् कर दी गई हैं, अब ड्रीम 11 को साल 2020 के लिए टाइटल स्पॉन्सर चुना गया है।

 

■  13 साल में कई गुना बढ़ी टाइटल स्पॉन्सरशिप की रकम

■  साल 2008 में पहली बार जब आईपीएल का आगाज हुआ, तब भारतीय रियल स्टेट कंपनी डीएलएफ ने 2008 से 2012 तक के प्रायोजन अधिकार हासिल करने के लिए 200 करोड़ रुपये दिए थे।

 

■ 2013 में अमेरिका की कोल ड्रिंक कंपनी पेप्सीको 2013 में पांच साल के लिए 396 करोड़ 80 लाख रुपये की बोली लगाकर आईपीएल का टाइटिल प्रायोजक बना था।

 

■  2017 में वीवो ने 1000 गुना ज्यादा रकम देकर 5 साल का 2199 करोड़ का करार किया था।

 

■  भारत में चीनी कंपनियों के बहिष्कार के कारण ड्रीम 11 ने 222 करोड़ रुपये देकर साल 2020 के लिए करार किया है। 13 साल से आईपीएल स्पॉन्सर्स बोर्ड को मालामाल करते गए और आईपीएल दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग के रूप में लोकप्रिय हो गई है।

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