द इंडिया राइज
ऐसे दौर में जब पूरी दुनिया में कोरोना के संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है तब विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने कहा है कि इस बीमारी को पूरी तरह काबू में करने में करीब पांच साल का वक्त लग सकता है।
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सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि प्रभावशाली कारकों में यह देखना होगा कि क्या वायरस मैच्योर होता है। हमें इसकी रोकथाम और वैक्सीन विकास के उपाय करने होंगे। उन्होंने कहा कि इसका टीका बनाना सबसे बेहतरीन उपाय है लेकिन इसकी सुरक्षा, प्रभाव, उत्पादन और समान वितरण को लेकर बहुत सारे किंतु, परंतु हैं।

डब्ल्यूएचओ के आपातकालीन सेवा कार्यक्रमों के प्रमुख डॉक्टर माइक रायन से जब टिप्पणी करने को कहा गया तो उन्होंने कहा कि कोई इस बात का अनुमान नहीं लगा सकता है कि यह बीमारी कब खत्म होगी। हालांकि उन्होंने बिना पर्याप्त सर्विलांस उपायों के लॉकडाउन के नियमों में छूट देने को लेकर चेतावनी दी।

उन्होंने कहा, ‘हमें इस बात का ख्याल रखना होगा कि लॉकडाउन हटने के बाद लोगों की मौत में इजाफा न हो। हमारे सामने एक नया वायरस है जो लोगों के अदंर पहली बार प्रवेश कर रहा है और इसलिए यह अनुमान लगाना बहुत कठिन है कि हम कब उस पर हावी हो पाएंगे। यह वायरस कभी भी जाने वाला नहीं है।

डॉक्टर माइक ने कहा कि एचआईवी कहीं नहीं गया। हम इस वायरस के साथ रह रहे हैं और हमने इसके लिए थेरेपी और इसके बचाव के उपाय ढूंढे और अब लोग पहले की तरह इससे डरते नहीं हैं। हम अब एचआईवी मरीजों को स्वस्थ और लंबी जिंदगी दे पा रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि कोई भी यह बता सकता है कि यह बीमारी कब खत्म होगी।

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