कोरोना के साइड इफेक्ट
स्कूलों में सख्ती से कराया जाएगा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन, ग्राउंड में नहीं होगी सुबह की एसेंबली, क्लास में होगी एसेंबली, बच्चे बैठेंगे दूर-दूर
बच्चों के साथ माता-पिता को भी मानने होंगे तमाम नियम, पैरेन्ट्स टीचर मीटिंग में मास्क पहनना होगा जरूरी, बच्चों के साथ लेनी होगी सोशल डिस्टेंसिंग की शपथ

द इंडिया राइज
लॉकडाउन के बाद स्कूलों के रूटीन में कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। हो सकता है अगले एक साल तक स्कूलों में ओपन असेंबली नहीं होगी। स्टूडेंट्स की असेंबली उनकी क्लास में ही होगी। हर छोटे-बड़े बच्चे को सोशल डिस्टेंसिंग का संकल्प दिलवाया जाएगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय जल्द ही सभी स्कूलों को गाइडलाइन जारी कर देगा।
heavy school bag
अभी तक स्कूलों में सुबह की एसेंबली बाहर खुले में होती रही है। असेंबली में सभी शिक्षक, प्राचार्य और नॉन टीचिंग स्टाफ का रहना अनिवार्य रहता है। लेकिन अब इसमें बदलाव रहेगा। प्राचार्य अपने चैम्बर से एसेंबली शुरू करने को माइक पर निर्देश देंगे। सारे शिक्षक क्लास रूम में रहेंगे। प्रार्थना करवाने वाले चयनित विद्यार्थी एक जगह इकट्ठा होकर सभी को प्रार्थना करवाएंगे।

बदल जाएंगे स्कूलों के तमाम नियम
लॉकडाउन के बाद क्लास के साथ स्पोर्ट्स ग्राउंड के रूल्स भी बदल जाएंगे। अब उन्हीं खेल को बढ़ावा दिया जायेगा, जिसमें कुछ खिलाड़ी ही शामिल होते हैं। जैसे बैंडमिंटन, टेनिस, टेबल टेनिस आदि शामिल होंगे। इसके अलावा खेल के मैदान में रूल्स में बदलाव रहेगा। अभी तक खेल देखने के लिए सारे बच्चे इकट्ठे होते थे। लेकिन अब इसमें बदलाव होगा। मैदान में कुर्सियों को सोशल डिस्टेंसिंग से रखा जायेगा। ताकि कोरोना वायरस से बचा जा सके।

पीटीएम में मम्मी पापा को भी लगाना होगा मास्क
स्कूल में हर महीने पैरेंट्स टीचर मीट का आयोजन होता है। इसमें बदलाव होगा। अलग-अलग दिन पैरेंट्स को बुलाया जायेगा। जो भी पैरेंट्स आएंगे, उन्हें मास्क लगाकर आने का निर्देश देना है। मास्क लगाने के साथ ही उन्हें अपने साथ सेनेटाइजर भी लाना होगा। मीटिंग में दोनों की जगह माता या पिता में से किसी एक को आने की छूट दी जा सकती है।

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