द इंडिया राइज
दो महीने से अधिक समय से लॉकडाउन में रह रहे लोगों के मन में अब तमाम तरह के अच्छे-बुरे विचार आ रहे हैं। लॉकडाउन में आई नकारात्मकता को दूर करने के लिए बरेली की एक उम्मीद संस्था से जुड़ी महिलाओं में भगवान की भक्ति में डूबा उम्मीद जगाता एक गीत तैयार किया है। इसके बोल हैं, आपत्ति के ये दिन भी चले जाएंगे जरूर, एक दिन तेरे मंदिर में हम सब आएंगे जरूर।
ek ummeed ki tram
बरेली की एक उम्मीद संस्था से शहर की तमाम समाजसेवी महिलाएं जुड़ी हैं। बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने में जुटी इस संस्था की सदस्यों ने लॉकडाउन में एक मोहक व कर्णप्रिय भजन का वीडियो अनूठे अंदाज में जारी किया है। संस्था की मुखिया अमिता अग्रवाल ने बताया कि एक उम्मीद को काम करते हुए तीन साल पूरे हो गए हैं। लॉकडाउन की वजह से सेलीब्रेशन संभव नहीं था। इसलिए सभी सदस्यों ने एक भजन का वीडियो अनूठे अंदाज में पेश करने का मन बनाया और महक अग्रवाल और कुछ अन्य लोगों की मदद से इसे मूर्त रूप दे दिया।

भजन का वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://www.youtube.com/watch?v=g2dycc1mhqA
लॉकडाउन खत्म होने का इंतजार फिर जुटेंगे काम पर
अमिता अग्रवाल ने बताया कि उनकी टीम लॉकडाउन खत्म होने का इंतजार कर रही है। लॉकडाउन खत्म होते ही सभी सदस्य नए सिरे से काम पर जुट जाएंगे। बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संस्था इस साल के अंत तक कुछ और केन्द्र शुरू करेगी।

Follow Us