चीन के साथ लगातार बढ़ते विवाद के बाद भारत एक बार फिर चीन पर डिजिटल स्ट्राइक के मूड में है। इस बार 15 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इससे पहले चीन पर दो डिजिटल स्‍ट्राइक करते हुए भारत ने 59 और फिर 47 चीनी ऐप्स पर बैन लगाया था। अब सरकार तीसरी बार डिजिटल स्ट्राइक करने की तैयारी कर रही है।

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15 ऐप्स की सूची तैयार

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार 15 और चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार है। सरकार ने इन ऐप्स के नाम की सूची भी तैयार कर ली है। इनमें वीडियो एडिटिंग ऐप CapCut और Xiaomi के वेब ब्राउज़र ऐप शामिल हैं। इनके अलावा अन्य कई पॉपुलर ऐप्स भी शामिल किए गए हैं। जानकारी के अनुसार इनमें जून में प्रतिबंध किए गए ऐप्स के लाइव और प्रो संस्करण को भी जोड़ा गया है।

 

Xiomi प्रवक्ता ने दिया बयान

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक Mi Browser पर प्रतिबंध पर टिप्पणी करते हुए, Xiaomi के एक प्रवक्ता ने कहा कि Xiaomi भारतीय कानून के तहत सभी डेटा गोपनीयता और सुरक्षा आवश्यकताओं का पालन कर रहा है। हम इस डेवलपमेंट को समझने की दिशा में काम कर रहे हैं और आवश्यकतानुसार उचित कदम उठाएंगे।’शियोमी ब्राउज़र के खिलाफ कार्रवाई इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले डिवाइस के फंक्शन को प्रभावित कर सकती है। Xiaomi ने देश में 10 करोड़ से ज़्यादा स्मार्टफोन बेचे हैं, और ये अग्रणी मोबाइल ब्रैंड है।

 

इन एप्‍स पर लगेगा बैन

सरकार ने जो लिस्ट तैयार की है, उसमें फोटो एडिटर ऐप एयरब्रश, शॉट वीडियो, मिपाई और बॉक्सकैम, ई-मेल ऐप नेटएज़, गेमिंग ऐप हीरोज़ वॉर और स्लाइडप्लस, Baidu सर्च और सर्च लाइट ऐप भी शामिल हैं। इसके अलावा xiomi का mi ब्राउज़र भी लिस्ट में हैं। इनके अलावा प्ले स्टोर से एयरब्रश, बॉक्सकैम जैसे ऐप गायब हो गए हैं। हालांकि, इन ऐप्स पर प्रतिबंध को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार हर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारी ने साफ तौर पर कहा है कि कोई ऐप अलग-अलग नामों से वापस आने की कोशिश करता है तो उस पर कार्रवाई होगी।

 

इन ऐप्स पर लगा था बैन

29 जून को भारत सरकार ने देश में 59 चीनी एप्स पर प्रतिबंध लगाया था। जिन ऐप्स को बैन किया गया था उनमें टिकटॉक, यूसी ब्राउजर, शेयर इट आदि पॉपुलर एप्स शामिल थे। इसके अलावा हैलो, लाइक, कैम स्कैनर, शीन क्वाई, बायडू मैप, केवाई, डीयू बैटरी स्कैनर समेत कई ऐप्स को बैन कर दिया गया।

 

47 ऐप के बैन को नहीं किया गया सार्वजनिक

जुलाई के अंत में भी खबर आई की सरकार ने 47 नई चीनी ऐप्स को भारत में प्रतिबंधित कर दिया है। हालांकि इस बार सरकार ने पिछली बार की तरह यह ऐलान सार्वजनिक नहीं किया। बताया गया था कि दूसरी बार बैन किए गए ज्यादातर ऐप पहले बैन किए गए ऐप्स के ही क्लोन थे, इस वजह से सरकार ने इन पर भी कार्रवाई की है।

 

डेटा चोरी के आरोप में लगा था बैन

सरकार की ओर से कहा गया कि ये ऐप देश की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा के लिए पूर्वाग्रह से ग्रस्त थे और डाटा प्रोटोकाल का उल्लंघन कर रहे थे।सरकार ने इन्फर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के सेक्शन 69 ए के तहत इन चीनी ऐप्स को बैन किया था। सरकार के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से 130 करोड़ भारतीयों की प्राइवेसी और डेटा की सुरक्षा को लेकर चिंताएं जाहिर की जा रही थीं। सूचना मंत्रालय को मिल रही शिकायतों में कहा गया था कि ये ऐप्स गुपचुप और अवैध तरीके से यूजर का डेटा चोरी कर भारत के बाहर मौजूद सर्वर पर भेज रहे हैं।

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