केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को सुनिश्चित कर कहा है कि अनलॉक की ढील के दौरान राज्य से राज्य या एक राज्य से दूसरे राज्य व्यक्तियों और समान के आवागमन पर कोई पाबंदी नहीं होनी चाहिए।

home ministry unlock rule
सभी केंद्र राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को भेजे गए पत्र में केंद्रिय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा ऐसी खबरें मिलीं हैं कि विभिन्न जिलों और राज्यों द्वारा विभिन्न जिलों और राज्यों द्वारा स्थानीय स्तर पर आवाजाही पर पाबंदी लगाई जा रही है। अनलॉक-3  के दिशा-निर्देशों की ओर ध्यान दिलाते हुए भल्ला ने कहा कि ऐसी पाबंदियों से माल और सेवाओं के अंतरराज्यीय आवागमन (Interstate Movement) में दिक्कतें पैदा होती हैं और इससे आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ता है। इस वजह से आर्थिक गतिविधि या रोजगार में अवरोध पैदा होता है।

पत्र में अनलॉक के दिशा निर्देशों में साफतौर पर लिखा है। की व्यक्तियों और समान के अंतरराज्यीय और राज्य के भीतर अवगमम पर कोई प्रतिबंध नहीं होना चाहिए दिशा निर्देशों में यह भी कहा गया है कि पड़ोसी राज्यों के साथ समझौते के तहत सीमा पार व्यापार के लिए व्यक्तियों या सामना के आवागमन के वास्ते मंजूरी या ई-परमिट लेने की जरूरत नहीं होगी।

गृह मंत्रालय ने कहा है कि ऐसे प्रतिबंध आपदा प्रबंधन कानून 2005 के प्रावधानों के तहत गृह मंत्रालय के दिशा निर्देश के उल्लंघन के समान है पत्र ने कहा गया है पाबंदी नहीं लगाई जानी चाहिए और अनलॉक संबंधी दिशा निर्देशों का पालन करना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए 25 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा की थी। जिसे 31 मई तक बढ़ाया गया था। इससे देश भर में औद्योगिक गतिविधियों और कार्यालयों को खोलने के साथ 1 जून से अनलॉक की प्रकिया शुरू की थी।

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