Atal tunnel india, the india rise news


देश को फिर एक बार गर्व करने का मौका मिलने जा रहा है।अटल टनल रोहतांग 10 साल बाद तैयार कर ली गई है। प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को सामरिक रूप से महत्वपूर्ण अटल टनल का हिमाचल प्रदेश के रोहतांग में उद्घाटन करेंगे।

 

 

 

इस लेह से मनाली और लेह की दूरी 46 किमी घट जाएगी। इससे यात्रियों के करीब 4 से 5 घंटे बचेंगे। प्रधानमंत्री लाहौर स्पीति में एक रैली भी संबोधित करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद रहेंगे। 

 

 

 

 

दुनिया की सबसे बड़ी हाइवे टनल

अटल सुरंग सर्वाधिक ऊंचाई और विश्व की आधुनिकतम यातायात सुरंगो में शुमार होने जा रही है। इस सुरंग की विशेषता बताए तो यह हिमालय की पीर पंजाल रेंज में 10 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर निर्मित यह विश्व की सबसे लंबी और अत्याधुनिक ट्रैफिक टनल होगी। 9.02 किमी लंबी यह टनल मनाली को लाहौर-स्पीति घाटी से पूरे साल जोड़े रखेंगी। 

 

 

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प्रधानमंत्री दिखाएंगे हरी झंडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दौरान टनल का दौरा कर करेंगे। वहीं लाहौर स्पीति जिले की लाहौर घाटी में हिमाचल परिवहन निगम की बस को मनाली के लिए हरी झंडी दिखाएंगे। 

 

 

 

तैयार है आपातकालीन सुरंग

इस सुरंग के साथ ही आपातकालीन सुरंग भी तैयार की है।  स्नो फॉल को रोकने के लिए स्नो गैलरियों के साथ मनाली की तरफ साउथ पोर्टल और नॉर्थ पोर्टल पर टारिंग का काम चल रहा है। 

 

 

 

अटल बिहारी वाजपेयी की याद में (अटल टनल) 

इस सुरंग का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में बीते वर्ष अटल रोहतांग सुरंग रखा गया था। प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सन 2000 में टनल बनाने का फैसला लिया था। 

 

 

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सुरंग में और क्या खास है 

8.8 किलोमीटर लंबी सुरंग बाहर से जितनी मजबूत है उतनी अंदर से भी सुरक्षित और सुविधाजनक है। अटल टनल की डिजाइन घोड़े के नाल की तरह बनाई गई है। इसके साथ ही अंदर सीसीटीवी कैमरे और लाइट सेविंग सेंसर सिस्टम और प्रदूषण प्रबंधन के लिए सेविंग सिस्टम, ऑक्सीजन लेवल को स्थिर रखने के लिए हाई कैपेसिटी विंड टरबाइन सिस्टम स्थापित किया है। साथ ही अग्निशमन यंत्र और कम्यूनिकेटर लगाए गए हैं। साथ ही किसी भी घटना की स्थिति होने पर आपातकालीन सुरंग भी बनाई गई है। 

 

कितने की आई लागत

डबल लेन टनल के निर्माण में 3300 करोड़ की लागत आई है। यह देश के लिए रक्षा दृष्टिकोण से अहम है। इसमें हर 150 मीटर पर टेलीफोन और 60 मीटर पर वाटर हाइड्रेट की सुविधा दी गई है। उसके साथ हो हर 500 मीटर पर आपात सुविधा भी दी गई है। हर 250 मीटर पर ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों के साथ आटोमेटिक डिटेक्शन सिस्टम लगा है। 

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