कोरोना संक्रमण के बीच लॉकडाउन और अनलॉक में सोशल साइट पर कई तरह की अफवाहें उड़ रही हैं. कभी पीएम केअर फण्ड नाम रख फर्जी अकाउंट नंबर को शेयर किया जा रहा है, तो कभी पीएम धन लक्ष्मी योजना को लेकर अफवाहें उड़ाई जा रही हैं.

सोशल मीडिया पर इन दिनों पीएम धन लक्ष्मी योजना के तहत मांहिलाओं को केंद्र सरकार द्वारा 5 लाख तक का लोन प्रदान किया जाएगा. इसके साथ दावा भी किया गया है, कि गरीब और मिडिल क्लास की महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकती हैं. सोशल मीडिया पर यह भी कहा जा रहा है कि, सरकार की ओर से दी जाने वाली धन राशि के लिए आवेदिका का बैंक अकाउंट किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में होना चाहिए. इन दावे के साथ ही व्हाट्सएप नंबर और ई मेल आईडी भी दे रखी है.

PIB ने किया खुलासा

PIB ने फैक्ट चेक के जरिए जानकारी दी, कि सरकार ने पीएम धनलक्ष्मी को लेकर कोई ऐसा दावा नहीं किया है. सरकार द्वारा कोई भी ऐसी योजना नहीं चलाई जा रही. कहने का मतलब साफ है, कि सोशल मीडिया पर किया गया 5 लाख का दावा गलत है.

PIB फैक्ट चेक गलत खबरों व अफवाहों की जानकारी देता है. बता दें, कि इस तरह की अफवाह पहली बार नहीं बल्कि जब से लॉकडाउन लगा है तब से कई ऐसी अफवाहें उड़ चुकी हैं. कभी 5 लाख  केंद्रीय कर्मियों को बाहर निकलने की अफवाहें तो कभी प्रधानमंत्री बेरोजगार भत्ता की खबर एक उड़ाई गई अफवाह ही थी. जिसमें सरकार 3500 रूपए महीना दे रही थी.

 

PIB ने जानकारी दी, कि इस तरह की अफवाहों का साथ रजिस्ट्रेशन फॉर्म का लिंक भी दिया जा रहा है. खास तौर पर इस तरह की मैसेज व्हाट्सएप पर फॉरवर्ड किए जा रहे हैं. जिसमें दावा किया जा रहा है, कि सरकार 3500 रुपये बेरोजगारों को देगी साथ ही प्रधानमंत्री बेरोजगार भत्ता योजना 2020 के लिए फॉर्म भरें. आवेदन फॉर्म निशुल्क रखा है और योग्यता 10 वीं पास उम्र 18 से 40, लास्ट डेट 15 मई 2020 को फर्जी लिंक के साथ शेयर किया का रहा है. PIB ने कहा, कि ब्लॉग लिंक फर्जी है. सावधान रहें, सरकार इस तरह की कोई योजना नहीं चला रही है.

 

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