ये तो सभी को पता है कि शशि कपूर अपने समय के चार्मिंग  एक्टर रहे हैं। 70 के दशक में भी लड़कियां उन्हें प्रोपोज़ करतीं थीं। इतना ही नहीं एक्ट्रेस का मानों वो क्रश थे। कम उम्र की लड़की हो या बड़ी उम्र की एक्ट्रेस उनके साथ काम करने की इच्छा रहती थीं।
वैसे तो लड़कियां हमेशा ही अपने सपनों के राज कुमार के बारे में सोचती रहती हैं,और सफेद घोड़े पर घुड़सवार राजकुमार का तो आज भी इंतज़ार करतीं हैं। उस समय सभी के दिलों में शशि कपूर सपनों के राजकुमार हुआ करते थे। यह तो बात साफ थी कि शशि जी पर  जान न्योछावर करने वाली बहुत सी अदाकारा थीं ।

पर अब ये भी जानना जरूरी है की आखिर शशि कपूर के दिल मे कौन था।
वैसे आपको बता दें कि शशि कपूर का फ़िल्म इंडस्ट्री में कोई भी इंटरेस्ट नहीं था। वे हमेशा से ही थिएटर करना चाहतें थे।

उन्होंने मेनस्ट्रीम सिनेमा में खूब नाम कमाया। शुरुआत के दिनों में वे थिएटर से जुड़े रहे उन्होंने शेक्सपियरनामा नाम का थिएटर भी जॉइन किया जिसे जेफ्री केंडाल चलाया करते थे और जेनिफर उनकी बेटी थी।
धीरे-धीरे जेनिफर और शशि की मुलाकात होती रही और ये मुलाकात कब प्यार में बदल गई उनकों पता भी नहीं चला। पर हां यहां से एक बात तो साफ थी कि शशि कपूर जेनिफर को दिलों जान से प्यार करते थे।
वे केवल उस समय 18 साल के थे जब उनके प्यार का अहसास हुआ। ये कहावत तो सच है कि एक सच्चा प्यार इंसान को अपनीं जिम्मेदारियों का अहसास करवा देता है।

उन्होनें उसी समय ठान लिया कि अब से वो काम पर जाएंगे  पैसे कमाएंगे शादी करेंगे।
घर जाते ही उन्होंने अपने माता पिता को कह दिया कि उन्हें शादी करनी हैं।

ये बात सुनते ही उनके घर वाले बोले  हे भगवान!! अपनी उम्र देखी है.. केवल 18 साल के हो और शादी करनी है।

शशि   कपूर ने  में काम करना शुरू कर दिया। उनका मकसद ऊंचाइयों पर पहुंचना नहीं था। वे केवल पैसे कमाना चाहते थे। 2 साल तक उन्होंने मन लगा कर काम किया 2 साल बाद शशि के पेरेंट्स ने पूछा क्या अभी भी तुम्हें शादी करनी है। फिर भी शशि का जबाब हां था।

1958 में दोनों की शादी हो गई और 1959 में दोनों को एक बेटा हुआ था। शशि कपूर ने फिर ऊचाईयां  हासिल की,  इंडस्ट्री में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में लिख दिया।

आज भी शशि कपूर के गाने शाम की ठंडी हवा में गुनगुनाये जाते है।  शशि कपूर भारतीय सिनेमा के साथ इंटरनेशनल प्रोजेक्ट में भी शामिल थे।

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