लॉकडाउन के समय सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चा तेल( Crude Oil )  कम दामों पर स्टोर कर लिया. जबकि देखा जाए, तो इसका लाभ किसी भी नागरिक को नहीं मिला.

बता दें, कि जून के शुरुआती दिन से लगातार पेट्रोल, डीजल में बढ़ोतरी देखी जा रही है. वहीं शुक्रवार को एक बार फिर पेट्रोल डीजल के रेट बढ़ा दिए गए हैं. डीजल में 57 पैसे तो पेट्रोल में 59 पैसे पर लीटर के हिसाब से बढ़ाए गए हैं. 6 दिन का हिसाब लगाए तो अभी तक 3.31₹  लीटर पेट्रोल में और 3.42 रुपये की बढ़त डीजल में देखी गई है. सोशल मीडिया पर लगातार डीजल पेट्रोल के रेट में इज़ाफा होने से नाराजगी जताई जा रही है.

इतना ही नहीं ट्विटर तक पर  नाराजगी जताते हुए लोग पीएम को टैग कर रहे हैं.  ट्वीटर पर सुकेश रंजन ने लिखा, कि 6 दिनों में पेट्रोल के रेट 3.31₹ और डीजल के रेट 3.42 रेट का इजाफा किया है. संकट को अवसर में बदलने के आवाहन को मूर्ति रूप देती तेल कंपनियां. बता दें, कि यूजर अब सरकार पर आत्मनिर्भर भारत के नाम पर तंज कस रहे हैं.

बता दें, कि लॉकडाउन के चलते करीब तीन महीने तक तेल में कोई भी बढ़ोतरी नहीं की गई थी. इस दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल के दामों में काफी गिरावट दर्ज की गई. भारत ने इस अवसर का लाभ उठाया और अधिक से अधिक तेल का संग्रह किया. हालांकि इस लाभ का भारत के नागरिकों को कोई भी फायदा नहीं हुआ. लगातार 6 दिनों से पेट्रोल और डीजल की रेट बढ़ रहे हैं.

 

जानें किस जगह कितने हैं पेट्रोल डीजल के रेट

चेन्नई – 78.47 प्रति लीटर

मुंबई -81. 53 प्रति लीटर

दिल्ली – 74.57 प्रति लीटर

कोलकाता – 76.48 प्रति लीटर

 

 

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