मोनोपॉज एक आम प्रक्रिया है. इनके भी लक्षण होते हैं, जिसे कई बार महिलाएं समझ नहीं पाती और कई तरह की परेशानियां हो जाती हैं. उसके लिए उन्हें डॉक्टर की परामर्श की सख्त जरूरी होती है. लॉकडाउन में इससे जुड़े कई ऐसे केस देखे गए, लेकिन इन दिनों कोरोना संक्रमण के चलते डॉक्टर के पास जा पाना भी संभव नहीं है. इसकी कोई खास जानकरी भी कोई देना पसंद नहीं करता. तो अगर आप भी उस ऐज को क्रॉस कर चुकीं हैं तो आपको मोनोपॉज के लक्षणों का पता होना जरूरी है.

मोनोपॉज है क्या?

मोनोपॉज नेचुरल प्रोसेस है. महिला के menstrual एक सही उम्र में रुकना मोनोपॉज कहलाता है. मोनोपॉज होने के बाद कोई भी महिला नेचुरल प्रोसेस से प्रेग्नेंट नहीं हो सकती है. मोनोपॉज के clinical diagnosis को Amenorrhea के 1 साल बाद retrospective तरीके से किया जाता है. जिससे periods बंद हो जाते हैं.

ऐसे टाइम में Harmonal imbalance होते हैं. 45 से 55 के बीच की उम्र की महिलाओं में मोनोपॉज की प्रकिया शुरू हो जाती है. इसमें ओवरी एस्ट्रोजन हार्मोन को बनाना बंद कर देती है. इसके बाद से कोई भी Egg रिलीज नहीं होता.

लक्षण/ Symptoms

मोनोपॉज के शुरुआती लक्षण को ट्रांजिशन भी कहा जाता है.

मोनोपॉज ट्रांजिशन के दौरान बॉडी में Estrogen और Progesterone का बनना बंद हो जाता है. ये दोनों हार्मोन अलग हो जाते हैं. खास कर महिलाओं की हड्डियां कमजोर पड़ने लगती हैं. ऐसे में फ्रैक्चर की समभाव बन जाती है. इसके साथ ही बॉडी में कमजोरी और अलग तरह की allergy होने का भी खतरा बना रखता है. साथ ही Contraceptive को भी रोक देना चाहिए. इसके साथ ही आपको joints pain, Muscle Pain, UTI (urinary tract infection) Mood swing, loss of concentration, Heart problem के लक्षण भी दिखाई देते है.

उपचार

  • सबसे पहले डॉक्टर से परामर्श लें
  • कैफीन, अल्कोहल का सेवन कम करें
  • ज्यादा मसालेदार खाना का सेवन कम करें
  • विटामिन D का सेवन करें प्रतिदिन 800-1000 आईयू होना चाहिए.
  • मैडिटेशन योगा और मॉर्निंग वॉक शुरू कर दें
  • अपने आप को relax रखें
  • Healthy Food खाएं, पोषक तत्व जूस का सेवन करें.
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