हम अपने बैंक के पिन को सिक्योर रखने के लिए हमेशा सतर्क रहते हैं तो अपने Google एकाउंट को 2 लेयर सिक्योरिटी के बारे में क्यों नहीं सोचते. आज देश डिजिटल हो गया है. पैसे ट्रांसफर करने हों या बिल जमा करना हो. आज कल साइबर क्राइम और हैकिंग आम बात हो गई है. ये तो आपको पता ही होगा की Google हमारे फोन नंबर, ईमेल आईडी, लोकेशन, फोटो का सारा डाटा Google एक्सेस करता है. अब तो यह मान लीजिए की आपको आपसे अच्छा Google जान गया है.
अभी भी अगर आपको विश्वास न हो रहा हो तो कभी आपने अपने मैसेज को टाइप करते समय देखा है, अगर नहीं  देखा है तो देख लीजिएगा Google अपको उस शब्द के आगे का सेंटेंस खुद ही सजेस्ट कर देता है.
Google का यूज़ जरूरत तो है ही लेकिन अब मजबूरी भी है. ऐसे में जरूरी है कि आप अपने Google की सिक्योरिटी के बारे में सोचना जल्दी शुरू कर दें. क्योंकि यहां आप वो मुहावरा नहीं लगा सकते कि दुर्घटना से देर भली.  क्योंकि यहां हर पल की देरी आपकी सिक्योरिटी के लिए रिस्क है .

क्या है ये टू लेयर सिक्योरिटी
टू लेयर सिक्योरिटी, टू स्टेप वेरिफिकेशन के बारे में बताता है.  यानी आपके एकाउंट को सिक्योर करने के लिए एक एक्ट्रा लेयर क्रिएट कर देता है.
अपने देखा होगा कि जब आप अपना Google अकाउंट एक्सेस करते हैं तो आपको यूज़र नेम और पासवर्ड डालना होता है लेकिन टू स्टेप वेरिफिकेशन में ऐसा नहीं होता आप जब भी अपना अकाउंट एक्सेस करेंगे तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP (One-time password) आएगा और OTP डालने पर ही आप अपने अकाउंट को एक्सेस कर पाएंगे.   इससे कोई और इंसान आपके अकाउंट  को हैक नहीं कर पाएगा.

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