हम भले ही अपने आप को जाति धर्म में बांट लें लेकिन मुसीबत न धर्म देखती है और न ही जाति. कोरोना  संक्रमण के फैलने डर से स्कूल, कॉलेज, कारोबार ही नहीं मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारे सब बंद हैं. यहां तक कि वार्षिक खुलने वाले कपाट और यात्राओं पर भी इसका असर देखने को मिला है.अब श्री अमरनाथ की यात्रा का समय और सीमा में बदलाव किया गया है. खबरों की माने तो, यात्रा के लिए 15 दिनों तक की समयसारिणी बनाई गई है.  लेकिन अभी श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की बैठक में फैसला आना बाकी है.

बता दें कि श्री अमरनाथ की यात्रा  23 जून से शुरू करने का निश्चित था,  लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण अप्रैल की हुए एडवांस  पंजीकरण को अभी तक क्लीन चिट नहीं मिली है. और न ही अभी तक बाबा बर्फानी के द्वार से बर्फ की सफाई का काम शुरू हुआ है.

इस वैश्विक महामारी के कारण अभी तक न तो कोई तारीख  निश्चित हो पाई है और, न ही कोई कार्यक्रम इस विषम     स्थिति को देखते हुए अब बाबा अमरनाथ की यात्रा की समय सीमा को भी कम कर दिया गया है. जिससे श्रद्धालुओं की भीड़ कम लगे. यहां तक कि बालटाल के रास्ते से गुफा तक जाने का प्रबंध किए जाने की सूचना मिल रही है.

यहां तक कि अगर श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी भी दिक्कत का सामना करना पड़े तो उसे हेलीकॉप्टर से गुफा तक पहुंचा दिया जाएगा.

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