14 फरवरी 2019 का वो दिन जहाँ एक तरफ पूरी दुनिया मोहब्बत का दिन मना रही थी, उसी दिन पुलवामा में सीआरपीएफ के 48 जवान शहीद हो गए थे।  14 फरवरी 2019 को हुए आतंकी हमले (Terrorist Attack) को अभी भी देश भूल नहीं सका है। आज भी लोगों के जेहन में वो मंजर ताजा हैं। आतंकियों ने विस्फोटक से भरी गाड़ी को सीआरपीएफ (CRPF) के ट्रक से टकरा दिया था।

इस घटना के एक साल अब इस बात का खुलासा हुआ है कि आखिर आतंकियों के पास इतनी मात्रा में विस्फोट आया कहां से था।

पत्थर की खदानों से चुराई थी 500 जिलेटिन की छड़ी।

हिंदुस्तान टाइम्स के हवाले से आतंकियो ने बड़ा विस्फोट करने के लिए पत्थर की खदानों से 500 के करीब जिलेटिन की छड़ी चोरी की थी। बता दें कि जिलेटिन की छेड़ें जिसमें नाइट्रोग्लिसरीन होता है। यह छड़ें खुलेआम नहीं मिलती है। ये छड़े सरकार की ओर से अधिकत्रत कंपनियों या फिर सरकारी विभाग जैसे भूविज्ञान विभाग को ही दी जाती हैं। आतंकियों ने खुफिया एजेंसियों से बचने के लिए इसे 5 किलो और 10 किलो की मात्रा में ही इकट्टठा किया था। इसके साथ ही उन्होंने वहां के कुछ युवकों की मदद से अमोनियम नाइट्रेट, और अमोनियम पाउडर को स्थानीय बाजार से छोटी छोटी मात्रा में खरीदा था।जिससे किसी को उनपर शक न हो।

अमेजन से मंगाया था कुछ सामान

हाल में ही गिरफ्तार हुए वैज ने पुलिस को बताया कि, हमले में इस्तेमाल किए गए आईईडी बनाने में इस्तेमाल केमिकल, बैट्रियां और अन्य सामान जैश ए मोहम्मद के दिशा-निर्देशों पर अमेजन से खरीदे गए थे।

NIA सूत्र ने बताया वैज ने बताया कि उसने यह समान ऑनलाइन खरीद कर इस्लाम को दिया था। इस्लाम ने इसे पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद इस्माइल उर्फ अदनान को बडगाम पुलवामा बार्डर पर पहुंचाया था।इसके अलावा आतंकियो के पास 35 किलोग्राम आरडीएक्स छोटी-छोटी मात्रा में पाकिस्तान से पहुंचाया गया था।

खराब मौसम की वजह से आगे बढ़ाना पड़ा था मिशन

एनआईए NIA के सूत्रों के अनुसार, जैश के इस आतंकी हमले को फरवरी के पहले सप्ताह में अंजाम दिया जाना था। जिसकी पूरी तैयारी भी हो चुकी थी। लेकिन खराब मौसम की वजह से इसे फरवरी के दूसरे सप्ताह के लिए टाल दिया गया था। आतंकियों को हमला करने के लिए फिर से जम्मू-कश्मीर पर सीआरपीएफ के काफिले को गुजरने तक इंतजार करना पड़ा था।

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