ईद-उल-फित्र (Eid ul Fitr) मुस्लिमों का सबसे बड़ा त्योहार है, जो रमजान के महीने के पूरा होने पर मनाया जाता है। लेकिन इस बार देश में कहीं पर भी ईद का चांद नहीं दिखने के कारण ईद सोमवार 25 मई को मनाई जाएगी।दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी और फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मुफ़्ती मुकर्रम ने ऐलान किया कि देशभर में कहीं से चांद दिखने की कोई खबर नहीं मिली है। इस कारण ईद उल फित्र सोमवार को होगी. लेकिन कश्मीर में रविवार को ईद मनाई जाएगी।

 

कश्मीर में रविवार को मनाई जाएगी ईद।

 

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट करके कहा कि, ‘घाटी में चांद नजर आया और स्थानीय मस्जिद ने ऐलान किया है कि कल (रविवार को) ईद उल फित्र मनाया जाएगा’। इसी के साथ उन्होंने सभी को ईद की बधाई दी। वही लद्दाख में शुक्रवार को ही ईद उल फित्र मनाई गई।

 

मुस्लिमों का सबसे बड़ा त्योहार है ईद

 

ईद-उल-फित्र का त्योहार रमजान के 29 या 30 रोजे रखने के बाद चांद देखकर मनाया जाता है। ईद का दिन एकमात्र ऐसा दिन होता है, जिस दिन रोज़ा नहीं रखा जाता। ईद के दिन मुसलमानों के घर सिवईयां, और कई मीठे पकवान बबनाये जाते हैं। मुस्लिम लोग इस दिन एक-दूसरे से गले मिलकर सारे गिले-शिकवा दूर करते हैं।

 

शाही इमाम की लोगों से घर में नमाज़ अदा करने की अपील

 

वैसे तो ईद की नमाज़ लोगों के साथ मिलकर पढ़ी जाती है, लेकिन कोरोना संकट को देखते हुए, जामा मस्जिद के शाही इमाम ने इस बार लोगों से घर में ही ईद की नमाज़ पढ़ने की अपील की हैं। लॉकडाउन के चलते सभी धार्मिक स्थल बन्द हैं,इसलिए लोगों से एहतियात बरतने की अपील की गई हैं।

साथ ही ईद के दौरान घर से बाहर न निकलने और घर में ही हंसी-खुशी ईद मनाने के लिए कहा गया है।

 

 

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