चीनी एप के बैन होने के बाद अब देसी एप चिंगारी ने जगह बनानी शुरू कर दी है। वहीं चाइनीज एप के लिए काम कर रहे कर्मचारियों के लिए भी खुशखबरी है। यह देसी एप्स पोस्ट के तरह की पोस्ट क्रिएट कर रहे हैं। जिसमें सेल्स, क्रिएटिव राइटिंग, मॉर्केटिंग, एप डेवलपर्स और भी पोस्ट शामिल हैं।

जानकारी के मुताबिक अब देसी एप उन लोगों पर फोकस कर रही है जो चीनी कंपनियों के साथ काम कर चुके हैं। बता दें, कि जब से चीनी एप्स पर बैन लगा है देश ने एप डिवेलपमेंट को लेकर रफ्तार पकड़ ली है।

अच्छी बात यह है कि जितनी इंटरेस्ट से यूजर देसी एप से जुड़ रहे हैं। उतने ही इंटरेस्ट से अब देसी एप्स के प्रति इन्वेस्टर्स दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

वर्तमान में यूजर्स के तेजी से बढ़ने की वजह से कॉम्पिटिशन भी बढ़ गया है।और साथ ही वर्कलोड भी। इसलिए अब कंपनी ने तेजी से एक बड़े लेवल पर हायरिंग की प्रोसेस शुरु कर दी है।

टिकटॉक को टक्कर देने आई चिंगारी एप के को- फाउंडर और चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर सुमित घोष का कहना है कि तेजी से बढ़ रहे यूजर की डिमांड को देखते हुए लगातार अपडेट किया का रहा है अब कंपनी को भारी एम्प्लॉइज की जरूरत है।

सुमित घोष ने कहा कि अभी उनके पास मात्र 25 कर्मचारी हैं। जल्द ही कंपनी अपने कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोतरी करेगी। महीने के अंत तक चार गुना कर्मचारी होंगे।

चिंगारी एप के लिए फंडिंग और इन्वेस्टमेंट के ऑफर्स मिल रहे हैं।

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