अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 24 फरवरी से भारत यात्रा का देश के कारोबारियों को भी बेसब्री से इंतजार है। ट्रंप की यात्रा से भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों को बल मिलने की उम्मीद है। एसोचैम के महासचिव दीपक सूद ने कहा दुनिया की दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों की मुलाकात से वैश्विक अर्थवयवस्था के नए आयाम खुलेंगे।
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उन्होंने कहा, ‘निवेश के अलावा माल व सेवाओं में व्यापार में अमेरिका भारत का सबसे बड़ा साझेदार है। फॉर्च्यून 500 शामिल अधिकतर अमेरिकी कंपनियां भारत में अच्छी स्थिति में है। सेवाओं के अलावा माल के मामले में भी अमेरिका के लिए भारत में एक बड़ा बाजार है।’

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार अंतर हालिया समय में काफी कम हुआ है। 2017-18 में 21 बिलियन से घटकर वर्तमान में यह 16 बिलियन डॉलर तक आ गया है। एसोचैम के महासचिव ने कहा, ‘दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने के लिए भारत और अमेरिका के व्यापार वार्ताकार कड़ी मेहनत करने में जुटे हुए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ट्रंप का राष्ट्रपति स्वागत करने के लिए तैयार हैं और उम्मीद है कि दोनों दिग्गज नेताओं की ओर द्विपक्षीय संबंधों को नया तोहफा मिलेगा।’

वर्ष 2018-19 में भारत ने 52.42 बिलियन डॉलर का निर्यात किया था जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 47.88 बिलियन डॉलर था। भारत के कुल निर्यात में से करीब 16 फीसदी अमेरिकी बाजार में जाता है। 2018-19 में अमेरिका से 35.55 बिलियन डॉलर का आयात हुआ जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह राशि 26.61 बिलियन डॉलर थी।

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