प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम-किसान योजना के कार्यान्वयन के एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में 29 फरवरी को उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में आयोजित समारोह में भाग लेंगे। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सोमवार को यह जानकारी दी।
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मोदी ने पिछले आम चुनाव से ठीक पहले 24 फरवरी, 2019 को गोरखपुर में प्रधानमंत्री किसान निधि (पीएम-किसान) की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत, केंद्र सरकार ने 14 करोड़ किसानों को हर वर्ष तीन समान किस्तों में कुल 6,000 रुपये की निधि उनके खातों में सीधे प्रदान करने का लक्ष्य रखा है। पश्चिम बंगाल को छोड़कर यह योजना बाकी सभी राज्यों में लागू है।

किसान अब एप से जानेंगे भुगतान की स्‍थिति
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत सहायता प्राप्त कर रहे किसानों को अब राशि के हस्तांतरण की स्थिति जानने के लिए किसी कार्यालय या बैंक का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने पीएम किसान के एक वर्ष पूरे होने पर सोमवार को एक मोबाइल ऐप जारी किया।

इस ऐप को जारी करने का उद्देश्य योजना की पहुंच को और व्यापक बनाना है। ऐप के माध्यम से किसान अपनी भुगतान स्थिति जान सकते हैं, योजना के लिए पात्रता और अन्य जानकारी जानने के अलावा अपना नाम सही कर सकते हैं।

ऐप जारी करते हुए तोमर ने कहा कि वर्ष 2022 तक किसान की आय दोगुनी करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। किसानों की आमदनी दोगुनी करने में पीएम किसान योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए जैविक खेती को बढ़ावा देने और कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने जैसी कई पहल की जा रही हैं।

खेती बारी और किसानों से संबंधित योजनाओं के लिए सरकार द्वारा पर्याप्त बजट आवंटित किया गया है। तोमर ने बताया कि इस महीने की 29 तारीख को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में पीएम किसान की पहली वर्षगांठ पर एक कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस अवसर पर लाखों किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड दिया जाएगा।

पश्चिम बंगाल भी शामिल होना चाहिए इस योजना में
इस अवसर पर नरेंद्र सिंह तोमर ने पश्चिम बंगाल सरकार से केंद्र की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में शामिल होने की अपील की है। इस योजना का एक साल पूरा हो गया है, लेकिन पश्चिम बंगाल अभी तक इसमें शामिल नहीं हुआ है। पश्चिम बंगाल को छोड़कर अन्य सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों ने पीएम-किसान योजना को लागू किया है। देश में अभी तक इस योजना का लाभ 8.45 करोड़ किसानों को मिल चुका है, जबकि लक्ष्य 14 करोड़ किसानों को इसका लाभ देने का है।

तोमर ने कहा कि पश्चिम बंगाल अभी तक इस योजना में शामिल नहीं हुआ है। उस राज्य में 70 लाख किसान हैं। यदि राज्य में इस योजना का क्रियान्वयन होता है तो उन तक 4000 करोड़ रुपये का लाभ पहुंच सकेगा। तोमर ने कहा कि राज्य के 70 लाख किसानों में से 10 लाख किसान पीएम-किसान के आनलाइन पोर्टल के जरिए योजना में स्व पंजीकरण करा चुके हैं। एक बार राज्य सरकार द्वारा इन आंकड़ों के सत्यापन कर दे तो इन किसानों को योजना के तहत नकद लाभ मिल सकेगा।

कृषि मंत्री ने कहा कि योजना के तहत नकद लाभ से न सिर्फ किसानों को मदद मिलेगी बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा -हमारे अधिकारियों ने इस बारे में राज्य सरकार के साथ कई बार संपर्क किया। मैंने मुख्यमंत्री को योजना में शामिल होने के लिए दो बार पत्र लिखा है। लेकिन अभी तक मुख्यमंत्री की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है।

कुछ राज्य आंकड़े सत्यापित करने में सुस्त
तोमर ने कहा कि आंध्र प्रदेश, बिहार और सिक्किम जैसे कुछ राज्य अपने किसानों के आंकड़ों को सत्यापित करने में सुस्त हैं। केंद्र सरकार गंभीरता से उनके साथ यह मामला उठा रही है। कृषि मंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य अगले साल तक 14 करोड़ किसानों तक लाभ पहुंचाने का लक्ष्य है।

पीएम-किसान पोर्टल पर केंद्र को कुल 9.74 करोड़ किसानों का ब्योरा मिला है। 8.45 करोड़ किसानों को भुगतान कर भी दिया गया है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत पंजीकृत किसानों के आंकड़ों में 85 प्रतिशत आधार सत्यापित है। शेष को भी जल्द इससे जोड़ लिया जाएगा।उल्लेखनीय है कि इस योजना के तहत केंद्र सरकार पात्र किसानों को तीन बराबर किस्तों में हर साल 6000 रुपये का भुगतान करती है।

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