आपका बच्चा अगर 2 साल का है तो खास तौर पर आपको किन चीजों का ध्यान रखना है. कोरोना वायरस के समय जहां मास्क (Mask) लगाना mandatory है वहीं बच्चों के लिए यह खतरा भी साबित हो सकता है.

जापान पीडियाट्रिक एसोसिएशन के डॉक्टर्स ने चेतावनी जारी की है, कि पेरेंट्स भूल कर भी ऐसी गलती न करें.

कोरोना वायरस यानी कि Covid -19 के चलते सरकार ने सभी को मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने हिदायत दी है. इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने से कोरोना संक्रमण का खतरा कम होगा. ये सभी चीजें Covid-19 को हराने में कारगर साबित हुई हैं. कोरोना महामारी का डर इंसान के दिल में बैठ गया है. बेशक इस वैश्विक बीमारी ने दुनियां पर अपना अधिकार कर लिया है लेकिन इस डर से आप अपने नन्हे बच्चों को तो लगातार मास्क और सैनिटाइजर तो नहीं लगा रहे ?

जब  सैनिटाइजर की बात आती है तो लोग इसपर पूरा विश्वास कर बच्चों के हाथों में हर थोड़ी देर बाद लगा देते हैं. यह आपके बच्चे को कोरोना से भले बचा ले लेकिन बच्चों को अंदर से कमजोर और बीमार कर देगा.

क्योंकि सैनिटाइजर में कैमिकल अल्कोहल होता है, ये हाथों के कीटाणु का तो सफाया कर देता है लेकिन इन्हीं हाथों से आप खाने की भी कई चीजे खा लेते हैं, जिससे आपके हाथों के जरिए वो कैमिकल आपके पेट तक पहुंच जाता है. और आपको फिर फूड प्वाइजनिंग या अन्य पेट से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं. डॉक्टर्स की सलाह सबसे पहले यही है, कि आप साफ पानी और साबुन से ही अपने हाथ धोए.

मास्क से बच्चों को क्या नुकसान हो सकता है.

जापान के मेडिकल ग्रुप “जापान पीडियाट्रिक एसोसिएशन” का मानना है, कि दो साल से कम बच्चों को मास्क नहीं पहनना चाहिए. इसके अलावा और भी विकल्पों का इस्तेमाल कर सकते हैं. डॉक्टर्स ने चेतावनी जताई है, कि 2 साल या उससे कम उम्र के बच्चे न तो खुद मास्क पहन सकते हैं न ही परेशानी होने पर खुद उतार सकते हैं. मास्क से उन्हें सांस लेने में परेशानी बढ़ जाती है. दूसरा मास्क का बच्चों के लिए प्रयोग इसलिए भी सही नहीं है क्योंकि बच्चों की स्किन काफी नाजुक होती है. और मास्क बच्चे की उनकी सेंसिटिव स्किन पर असर पड़ सकता है.

 

Follow Us