कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में प्रशासन और अधिकारियों की ओर से लापरवाही के नमूनों हर रोज सामने आ रहे
हैं। देश की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलने वाले दो ऐसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
एक वीडियो में एक कोविड अस्पताल के गलियारों में सुअरों को घूमते हुए देखा जा सकता है, वहीं दूसरे वीडियो में छत
में हुए बड़े छेद से कोविड वार्ड के अंदर पानी आते हुए देखा जा सकता है।

कर्नाटक में अस्पताल में घुसे सूअर
पहला मामला कर्नाटक के गुलबर्ग जिले के एक कोविड अस्पताल का है। बुधवार को रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो में
अस्पताल के गलियारे में सुअरों को घूमते हुए देखा जा सकता है।
इस दौरान अस्पताल प्रशासन के कर्मचारियों को आसपास काम करते हुए देखा जा सकता है, लेकिन वे सुअरों से कुछ नहीं
कहते। ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और यूजर्स स्वच्छता के प्रति अस्पताल की लापरवाही पर सवाल
उठा रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल प्रशासन को चौंकन्ना रहने को कहा
स्थानीय कांग्रेस नेता प्रियांक करगे ने ये वीडियो ट्वीट करते हुए आरोप लगाया कि इलाके के अस्पतालों को खराब तरीके
से चलाया जा रहा है। वहीं कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री बी श्रीरामुुलु ने अस्पताल प्रशासन को चौंकन्ना रहने और आगे से
ऐसी गलती न हो ये सुनिश्चित करने को कहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अस्पताल और इसके आसपास घूम रहे
लगभग 50 सुअरों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है और उनके मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बरेली में अस्पताल की छत से टपक रहा पानी
बरेली के राजश्री हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज में जिला प्रशाशन ने कोविड संक्रमित मरीजों के इलाज की व्यवस्था कर
रखी है, लेकिन बारिश होते ही वहां मरीजो के बीच में बारिश का पानी पाइप फटने से बहने लगा और हॉस्पिटल तालाब
में बदल गया। संक्रमित मरीजों के बीच से पानी पूरे हॉस्पिटल में बहने लगा। इसका वीडियो किसी ने ट्विटर पर डाल
दिया। विडियो में कोविड वार्ड की छत में हुए एक बड़े छेद से बारिश के पानी को नीचे गिरते हुए देखा जा सकता है,
जिससे फर्श पर पानी जमा हो गया है। वार्ड में मौजूद कोरोना वायरस के दो मरीजों को बेड पर बैठे हुए देखा जा सकता
है। वीडियो वायरल होने के बाद बवाल मच गया, जिसके बाद बरेली के स्वास्थ्य विभाग ने सामने आकर सफाई दी।

कंस्ट्रक्शन के कारण हुई प्लबिंग फेलियर
बरेली के संयुक्त मजिस्ट्रेट ईशान प्रताप सिंह ने कहा कि कंस्ट्रक्शन के कारण वार्ड में प्लबिंग फेलियर हो गया था, जिसके
कारण ये पानी गिरने लगा। उन्होंने कहा कि मरीजों को तत्काल हटा दिया गया था और छेद को बंद कर दिया गया है।

मुंबई में मरीजों के पास ही रखे पाए गए थे शव

बता दें कि इससे पहले मुंबई के कुछ अस्पतालों में गंभीर लापरवाही के मामले सामने आ चुके हैं। मई महीने में वायरल
हुए दो वीडियो में बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के किंग एडवर्ड मेमोरियल (KEM) अस्पताल और सायन अस्पताल में
कोरोना वायरस के मरीजों के पास ही मृत मरीजों के शव रखे हुए देखे गए थे।
इसके अलावा एक अन्य वीडियो में अस्पताल के गलियारे में स्ट्रेचरों पर कोरोना वायरस के मरीजों के तमाम शव पड़े हुए
दिखाई दिए थे।
11 लाख के करीब पहुंचा कोरोना मरीजों का आंकड़ा
बता दें कि कोरोना से अब तक भारत में देश 10 लाख 78 हजार 782 मरीज हो चुके हैं। जिनमें से 3,73,379 सक्रिय
मामले हैं, 6,77,423 लोग ठीक हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और अब तक 26,816 लोगों की मौत
हो चुकी है।

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