देश में कोरोना वायरस संक्रमण लोगो की मौत का कारण बनता जा रहा है जिस तरीके से यह महामारी फैल रही है ऐसे में अगर इस को जल्द ना रोका जाए तो यह काफी हानिकारक साबित हो सकता है। भारत के अंदर कोरोना वायरस संक्रमण की इस दूसरी लहर के आने के बाद से भारत में काफी तबाही देखने को मिल रही है अस्पतालों में बिस्तर नहीं है तो कहीं ऑक्सीजन की सप्लाई में कमी देखने को मिल रही है ऐसे में अगर आप अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाना चाहते हैं तो आपको अपना स्वयं ध्यान रखना होगा।

जिन लोगों को पहले से भी कई बीमारियां हैं उनके लिए यह संक्रमण की दूसरी लहर काफी खतरनाक बन के आई है लोगों को बचाव का एक ही रास्ता नजर आ रहा है , और वह है कि अपना ध्यान स्वयं रखें। लेकिन कैसे खासकर जो मरीज कैंसर जैसी बीमारियों से पहले ही जूझ रहे हैं, आखिर वह कैसे अपने आप को इस महामारी में बचा सकते हैं ? वह क्या उपाय हैं जो कैंसर के रोगियों को संक्रमण से लड़ने में मजबूत बना सकता है ?

स्वयं उपाय व सावधानी रखना इसलिए भी जरूरी है शिव की भारत में लगातार बढ़ते संक्रमण के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की पोल ढंग से खुली है ऐसे समय में मरीजों को तो परेशानी झेलनी पड़ रही है लेकिन अन्य बीमारियां जैसे कैंसर उनकी भी हालत बिगड़ती जा रही है। ऐसे में अगर स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो कुरौना के समय में ऐसे रोगियों को अतिरिक्त देखभाल करने की जरूरत है, क्योंकि ऐसे लोगों का इम्यूनिटी सिस्टम पहले से ही काफी कमजोर होता है जिससे बीमार यहां उनके पास ज्यादा असर करती है और अगर बीमारी कोरोना वायरस हो तो उससे लड़ना काफी मुश्किल साबित हो सकता है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ ?

कोरोना वायरस के दौर में कैंसर रोगियों पर कैंसर रोग विशेषज्ञ का मानना है कि कैंसर रोगियों की प्रतिरोधक क्षमता बहुत कमजोर होती है ऐसे में जिन मरीजों को कीमोथेरेपी दी जाती है उन्हें उल्टी सहित अन्य समस्या रहती हैं इसके अलावा वह सही तरह से खाना नहीं खाते इससे भी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है, कोरोना जैसा वायरस कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले मरीजों के लिए काफी घातक होता है।

उनका कहना है की संक्रमण जल्दी हावी हो सकता है लेकिन इसमें घबराने वाली बात नहीं है कैंसर मरीज अपने खानपान का विशेष ध्यान रखें थोड़ी थोड़ी देर बाद कुछ खाते रहे तरल पदार्थ का सेवन अधिक से अधिक करें जिससे कमजोरी ना आए और इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत होता रहे, इससे भी जरूरी यह है की कैंसर के रोगी अपनी साफ सफाई का ज्यादा ध्यान रखें, अपने हाथ बार-बार दो सैनिटाइजर जैसी चीजें अपने पास में रखें साथ ही जितना ज्यादा मुमकिन हो कम से कम घर से बाहर निकले।

अस्पताल जाने से बचें

अस्पतालों में कोरोना वायरस संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ रही है ऐसे में अस्पताल के हाल बेहाल है, लेकिन कैंसर रोगियों को फॉलो अप के लिए अस्पताल जाना पड़ता है, इससे बचें जब तक बहुत ज्यादा जरूरी ना हो तब तक अस्पताल जाने की ना सोचे, अगर मजबूरी में अस्पताल जाना पड़े तो मास्क लगाने के साथ ही अपने हाथ से निकल कर लें इसका इस्तेमाल करते रहे।

कैसे करता है कोरोना अटैक

यह वायरस आपके शरीर में तब प्रवेश करते हैं जब आप किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते हैं, सांस के द्वारा कोरोना का वायरस इंसान के शरीर में प्रवेश कर जाता है, यदि आप किसी संक्रमित व्यक्ति को छू लेते हैं और उसके बाद अपने हाथ को मुंह पर या आंख कान पर लगा लेते हैं तब भी संक्रमण आपके शरीर में प्रवेश कर सकता है, इसके बाद वायरस के कारण गले तक पहुंच जाते हैं और कोशिकाओं पर चिपक जाते हैं, जिसके बाद अनुवांशिक सामग्री कोशिकाओं में ट्रांसफर हो जाती है इससे मानव कोशिकाएं ऐसे कारखाने में तब्दील हो जाती हैं जो और ज्यादा वायरस कणों का उत्पादन करने लगती है.

कैसे काम करता है ड्यूटी सिस्टम ?

शरीर में प्रवेश करने के बाद जैसे-जैसे वायरस के कारण बनने लगते हैं उस वक्त हमारा यूनिटी सिस्टम उससे लड़ने के लिए तैयार हो जाता है जैसे ही वायरस गले के नीचे उतरता है बुखार और खांसी शुरू हो जाती है जो इस बात का संकेत देती है कि हमारा इम्यूनिटी सिस्टम वायरस से लड़ना शुरू कर चुका है करुणा वायरस से संक्रमित कई लोगों को इसके लक्षण बिल्कुल नहीं दिख रहे हैं.

इसके बहुत से कारण है लेकिन अभी तक कोई ऐसा आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है जो इस बात को स्पष्ट कर सके कि आखिर क्यों लक्षण नहीं दिखते. कोरोना वायरस की इस दूसरी लहर में ऐसे भी मामले सामने आ रहे हैं जिनकी आरटी पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आती है लेकिन सीटी स्कैन कराने के बाद यह पता चलता है कि फेफड़ों में वायरस इकट्ठा हो गया है. ऐसे में कैंसर मरीजों को इस बात का बेहद ध्यान रखना होगा कि कम से कम लोगों के संपर्क में आए.

शरीर में आकर क्या करता है वायरस ?

कोरोना वायरस के गंभीर मामलों में यह पाया गया है कि जब वायरस फेफड़ों तक पहुंचता है तो यह सूजन यानी इन्फेक्शन को पैदा करना शुरू कर देता है जिससे फेफड़ों को रक्त प्रवाह साथ ही ऑक्सीजन भेजने में काफी मुश्किलें होने लगती है इस वजह से फेफड़ों को पानी मिलने लगता है और फेफड़ों के अंदर पानी भर जाता है जिसके बाद सांस लेने में मुश्किल आने लगती है कई मरीजों को सांस लेने में मदद के लिए वेंटीलेटर का सहारा लेना पड़ता है.इस दूसरी लहर के आने के बाद अस्पतालों में ऑक्सीजन की भी कमी हो रही है जिसके कारण कई लोगों को अपना दम तोड़ना पड़ रहा है.

घर पर cancer patient कैसे करें कोरोना वायरस का इलाज?

कोरोना वायरस के गंभीर मामलों में लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है लेकिन जब तक हालत गंभीर ना हो तब तक इसको घर पर रहकर ही काबू किया जा सकता है इसे होम आइसोलेशन का नाम दिया गया है होम आइसोलेशन में मरीज खुद को घर में बाकी सदस्यों से अलग रखकर अपना इलाज करता है .

चलिए जानते हैं कि कोरोना मरीज घर में खुद को अलग रखकर अपना इलाज कैसे कर सकते हैं .

Home isolation : घर पर ही आइसोलेट होने के लिए यह बहुत आवश्यक है कि मरीज को लक्षण ज्यादा ना हो गंभीर होने पर मरीज को अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी जाती है होम आइसोलेशन के लिए मरीज के पास अलग हवादार कमरा होना जरूरी है मरीज के लिए एक अलग टॉयलेट होना जरूरी है और साथ ही 24 घंटे मरीज की देखभाल करने के लिए भी कोई होना चाहिए.

मरीज को अपने कमरे की खिड़की खुली रखनी चाहिए साथ ही पूरे समय 3 लेयर वाला मास्क पहनकर रहना चाहिए, 6 से 8 घंटे में उस मास को बदलना चाहिए.

साबुन और पानी से हाथ को 40 सेकंड तक होना चाहिए राधा तू ही जाने वाली 17 को छूने से बचें और अपने बर्तन वाली आज चादर कपड़े बिल्कुल अलग रखें और किसी को इस्तेमाल ना करने दे.

घर में रहे मरीज को दिन में दो बार अपने बुखार और ऑक्सीजन का स्तर जांच ना चाहिए शरीर का तापमान 100 से ज्यादा नहीं होना चाहिए ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन का स्तर देखें spo2 94% से कम ना हो इस बात का बेहद ध्यान रखना जरूरी है.

आइसोलेशन के दौरान सिगरेट शराब या किसी भी अन्य प्रकार का नशीले पदार्थ का सेवन ना करें डॉक्टर की सलाह का पालन करें और नियमित रूप से दवाई ले.

क्या होनी चाहिए डाइट?

कोरोना के मरीज को घर पर बना ताजा और सादा भोजन करना चाहिए.

मौसमी और नारंगी फल जैसे संतरा का सेवन करना चाहिए सब्जियों में बींस दाल जैसी प्रोटीन से भरपूर आहार को लेना चाहिए.

खाने में अदरक लहसुन और हल्दी जैसे मसालों का उपयोग ज्यादा करना चाहिए और साथ ही दिन में रोजाना 8 से 10 गिलास पानी पीना चाहिए.

लो फैट दूध और दही का सेवन करना चाहिए ,नॉनवेज खाने वालों को मछली और अंडे का सफेद भाग खाना चाहिए कुछ भी खाने से पहले उसे अच्छी तरह धो लें कोरोना के मरीजों का खाना कम कोलेस्ट्रॉल वाले तेल में पकाना चाहिए.

  • Note : लिखा गया लेख, प्राप्त की गई जानकारी के अनुसार लिखा गया है, यह लेख किसी भी टिप्स का 100% काम करने का दावा नहीं करता है. कोरोना के लक्षण मिलने पर डॉक्टर की सलाह से ही कोई कदम उठाएं.
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