द इंडिया राइज
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के कारण पूरे देश में लॉकडाउन (Lockdown) है। इस कारण से 24 मार्च से 14 अप्रैल तक के लिए देश में फ्लाइट, ट्रेन, मेट्रो, बस और टैक्सी सहित आवागमन की सारी सुविधाएं बंद है। 14 अप्रैल को लॉकडाउन की अंतिम तारीख है। इसके बाद की स्थिति पर लोग तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं। इस बीच एयर इंडिया (Air India) ने टिकट बुकिंग की तारीख को फिलहाल 16 दिनों के लिए और बढ़ा दिया है।
air india
एयर इंडिया ने कहा है कि 30 अप्रैल तक के लिए सभी इंटरनेशनल और डोमेस्टिक फ्लाइट के लिए टिकट बुकिंग बंद कर दी गई है। कंपनी का कहना है कि हम लॉकडाउन खुलने के बाद सरकार के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।

वहीं, 14 अप्रैल के बाद ट्रेन (Train Service) के चलाए जाने की संभावना है। लेकिन कोरोना वायरस (Corornavirus) के डर के कारण रेल टिकट की बुकिंग 20 फीसदी से ऊपर नहीं हो रही है। यह स्थिति आगामी 30 अप्रैल तक बनी हुई है। भारत सहित विश्व में कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए यात्री ट्रेन के रद्द रखने की अवधि बढ़ाए जाने की पूरी संभावना है।

रेल मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार आगामी 15 अप्रैल की ई-टिकट की बुकिंग लगभग दो लाख हुई है। इसके बाद आगामी 30 अप्रैल तक यह आंकड़ा दो लाख तक नहीं पहुंच सका है। 21 व 22 अप्रैल को एक लाख 10 हजार के बीच ही टिकट की बुकिंग हुई है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि 31 मार्च तक जनता कर्फ्यू की घोषणा होने पर लोगों ने टिकट बुकिंग की, लेकिन बाद में 21 दिन का लॉकडाउन होने के बाद 80 फीसदी लोगों ने टिकट रद्द कराने शुरू कर दिए। उन्होंने बताया कि देश मे कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है, इस कारण आम लोग एडवांस रेल टिकट बुक कराने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं।

2,000 करोड़ रुपये का घाटा
पहले प्रतिदिन ऑनलाइन और काउंटर से औतसन 16 लाख ट्रेन टिकट की बुकिंग होती थी। लेकिन यह संख्या अब घटकर दो लाख से कम हो गई है। इससे रेलवे को लगभग दो हजार करोड़ रुपये से अधिक का घाटा हुआ है। देशव्यापी लॉकडाउन के तहत 13,524 यात्री ट्रेन को 14 अप्रैल तक बंद किया गया है।

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