नई दिल्ली।
राजस्थान के कोटा में बच्चों की मौत पर राजनीतिक खींचतान शुरू हो गई है। राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ बने माहौल से ध्यान हटाने के लिए इस मुद्दे को उठाया जा रहा है।
मामले में गहलोत बोले, ‘मैं पहले ही कह चुका हूं कि इस साल शिशुओं की मौत के आंकड़ों में पिछले कुछ सालों की तुलना में काफी कमी आई है।’ ट्वीट कर गहलोत ने कहा कि जेके लोन अस्पताल, कोटा में हुई बीमार शिशुओं की मृत्यु पर सरकार संवेदनशील है। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। कोटा के इस अस्पताल में शिशुओं की मृत्यु दर लगातार कम हो रही है। हम आगे इसे और भी कम करने के लिए प्रयास करेंगे। मां और बच्चे स्वस्थ रहें, यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
गहलोत ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘राजस्थान में बच्चों के आईसीयू की स्थापना सबसे पहले हमारी सरकार ने 2003 में की थी। कोटा में बच्चों के आईसीयू की स्थापना हमने 2011 में की थी।’ गहलोत के अनुसार, ‘निरोगी राजस्थान’ हमारी प्राथमिकता है तथा स्वास्थ्य सेवाओं में और सुधार के लिए भारत सरकार के विशेषज्ञ दल का भी स्वागत है।
बता दें कि कोटा में दिसंबर और जनवरी माह में मरने वाले नवजात शिशुओं की संख्या 104 हो गई है। इस बीच, जे के लोन अस्पताल के शिशु रोग विभाग के प्रमुख डा. ए एल बैरवा ने बताया कि अस्पताल में 12 बिस्तरों के एक और आईसीयू को मंजूरी मिल गई है। इसके लिए काम शुरू हो गया है।

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