केरल में हुई हथिनी की मौत से न केवल उद्योग बल्कि फिल्मी और खेल जगत भी आक्रोश जता रहा है.

मल्लपुरम के स्थानीय लोगों के दुर्व्यवहार से एक मादा हथिनी की जान चली गई. पटाखों से भरा अनानास (Pineapple)  गर्भवती हथिनी के मुंह में ही फट गया. मल्लपुरम के एक फॉरेस्ट अफसर ने इन घटना को सोशल मीडिया पर शेयर किया. जिससे ये मामला लोगों की नजरों में आया.

हाथी विशेषज्ञ और केरल फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के पूर्व निदेशक डॉक्टर पी एस ईशा की बीबीसी हिंदी से बात चीत होने पर जानकारी दी कि “पालतू हाथियों की कुछ गिनती 507 है, जिसमें से 410 नर 97 मादा हैं साल 2017 में 17 हाथियों की मौत हुई थी. जबकि साल 2018 में 34 और साल 2019 में 14 हाथियों की मौत हुई”

 केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने घटना को दुखद बताते हुए कहा, कि हमारी जांच जारी है. दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा. वहीं केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, कि ये हमारी भारतीय संस्कृति में ऐसा नहीं होता है. यह दुखद घटना थी. मामले की जांच के लिए सीनियर अफसर को तैनात किया गया है. दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा.

वहीं मेनका गांधी ने कहा, कि ये मौत नहीं हत्या है. केरल में हर तीन में से एक हाथी मारा जाता है.

देश के सबसे वरिष्ठ कारोबारी रतन टाटा ने ट्वीट कर कहा है कि इस हैवानियत को मौत नहीं हत्या कहेंगे. उन्होंने इंसाफ की मांग भी करी है. साथ ही कहा, कि इस बात से मैं हैरान हूं, पटाखे भरे अनन्नास से हथिनी की मौत हो गई. निर्दोष जानवरों को मारना बिल्कुल वैसा है जैसा इरादतन हत्या.

इसके साथ ही विराट कोहली, हरभजन सिंह, सुनील छेत्री, साइन नेहवाल व  अन्य खिलाड़ियों ने भी इंसाफ की मांग की है.

 

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