लखनऊ प्रशासन ने दिसंबर-2019 में सीएए विरोधी प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुँचाने वाले दंगाइयों की संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत गुरुवार (2 जुलाई) को एक और दुकान कुर्क कर दी गई।

दो दिन पहले वसूली की प्रक्रिया शुरू करते हुए प्रशासन ने उन दो दुकानों की नीलामी की भी घोषणा की है, जो इससे पहले सील की गई थीं।

गौर किया जाना चाहिए कि 20 मार्च को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद लखनऊ प्रशासन ने कोरोनावायरस महामारी के कारण क्षति वसूली प्रक्रिया और दंगाइयों की गिरफ्तारियों पर रोक लगा दी थी।

तहसीलदार (सदर) शंभू शरण सिंह ने कहा, “हमने 16 जुलाई को उन दो दुकानों की नीलामी की तारीख तय की है, जिन्हें मंगलवार को सील किया गया था। अगर दुकानों के मालिक आने वाले दिनों में नुकसान का भुगतान कर देते हैं तो उनकी संपत्तियों की नीलामी की कार्यवाही को रोक दिया जाएगा।”

योगी आदित्यनाथ सरकार ने पहले हिंसक दंगाइयों की संपत्तियों की कुर्की के आदेश दिए थे, जिन्होंने शहर में सीएए विरोधी प्रदर्शनों और दंगों के दौरान सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुँचाया था। लखनऊ में कुल 57 दंगाइयों को चिह्नित किया गया था, जिनको 1.55 करोड़ रुपये के नुकसान के लिए भुगतान करना था।

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