चक्रवाती तूफान ‘एम्फन’ अगले 12 घंटों में इसके बेहद उग्र रूप धारण कर लेने की आशंका है, जिससे बंगाल और ओडिशा में भारी नुकसान हो सकता है. इसे देखते हुए दोनों राज्यों में नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ, राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल) की कुल 17 टीमें भेजी दी गई हैं.राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन कमेटी भी स्थिति की लगातार समीक्षा कर रही है.

मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक चक्रवाती तूफान इस समय बंगाल की खाड़ी में दक्षिण-पूर्व में है और उत्तर से उत्तर-पश्चिम की तरफ छह किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है. 20 मई की दोपहर या शाम तक इसके बंगाल के सागर द्वीप और बांग्लादेश के हटिया द्वीप के बीच से गुजरने का अनुमान है

मौसम विज्ञानियों के अनुसार मंगलवार को बंगाल के तटीय जिलों में 60 से 65 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं. बुधवार को तूफान की रफ्तार 95 किमी तक बढ़ सकती है

इस तूफ़ान का असर ओडिशा तक सीमित नहीं रहेगा. अंडमान निकोबार, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश में भी इसका असर देखने को मिल सकता है. इन राज्यों के इलाकों में भी तेज बारिश और आंधी आ सकती है. मौसम विभाग की चेतावनी के बाद ओडिशा के 12 तटीय जिलों में चेतावनी जारी की गई है. साथ ही कलेक्टरों से लोगों के लिए वैकल्पिक आश्रय गृहों की व्यवस्था करने को कहा गया है.

समुद्री इलाकों में रहने वाले लोगों को हटाकर सुरक्षित जगहों पर ले जाने का काम शुरू 

मौसम विज्ञानियों के अनुसार मंगलवार को बंगाल के तटीय जिलों में 60 से 65 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं। बुधवार को तूफान की रफ्तार 95 किमी तक बढ़ सकती है, जिससे व्यापक क्षति का अंदेशा है। तूफान जैसे-जैसे जमीन की तरफ बढ़ेगा, समुद्र अशांत होने लगेगा। इस बाबत प्रशासन ने समुद्री इलाकों में रहने वाले लोगों को हटाकर सुरक्षित जगहों पर ले जाने का काम शुरू कर किया है। मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सख्त हिदायत दी गई है।

इस बीच एनडीआरएफ के महा निदेशक एसएन प्रसाद ने कहा कि हालात पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। हम मौसम विभाग, चक्रवात के दायरे में आने वाली राज्य सरकारों और विभिन्न संबंधित एजेंसियों के लगातार संपर्क में हैं। बंगाल के छह जिलों उत्तर व दक्षिण 24 परगना, पूर्व व पश्चिम मेदिनीपुर, हावड़ा और हुगली जिलों में सात टीमें भेजी गई हैं, जबकि ओडिशा में पुरी, जाजपुर, भद्रक, जगतसिंहपुर, केंद्रापाड़ा, बालासोर और मयूरभंज जिलों में 10 टीमें भेजी गई हैं। प्रत्येक टीम में 45 लोग शामिल हैं।

भारतीय मौसम विभाग के मृत्युंजय महापात्र ने कहा, “अभी हम सटीकता से अनुमान नहीं लगा सकते क्योंकि चक्रवात अभी बना नहीं है. हालांकि ओडिशा के उत्तरी और पश्चिम बंगाल के दक्षिणी भागों में स्थित जिलों में इसका प्रभाव पड़ सकता है. इसके परिणामस्वरूप तटीय क्षेत्रों में 19 मई से भारी बारिश का अनुमान है.” जेना ने कहा कि स्थिति को देखते हुए ओडिशा सरकार ने 12 तटीय जिलों में चेतावनी जारी कर दी है जिनमें जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक और बालासोर प्रमुख हैं. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर एनडीआरएफ और अग्निशमन सेवा समेत अन्य बलों की तैनाती की जा सकती है. विशेष राहत आयुक्त ने कहा कि ओडिशा ने ऐसी स्थिति का सामना पहले भी किया है इसलिए स्थिति का प्रबंधन सही तरीके से किया जाएगा.

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