1 जून से श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के न चलने पर अब विपक्ष सवाल कर रहा है. बता दें कि राजधानी दिल्ली से किसी भी ट्रेन की मांग न किए जाने पर ट्रेनों का परिचालन अब रोक दिया गया है. रेलवे के एक अधिकारी ने जानकारी दी कि वर्तमान में दिल्ली सरकार की तरफ से श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने की कोई मांग नहीं आई है. रिपोर्ट में मुताबिक दिल्ली स्टेशन से अब कोई भी श्रमिक स्पेशल ट्रेन नहीं चल रही है. बता दें कि दिल्ली के रेलवे स्टेशन से प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने वाली आखिरी ट्रेन 31 मई को चलाई गई थी.

दिल्ली सरकार के आंकड़ों के अनुसार करीब 4,50,000 प्रवासी मजदूरों ने श्रमिक ट्रेन के लिए अप्लाई किया था. जिसमें से 3,10,000 प्रवासियों को बिना किराए के उनकी मंजिल तक पंहुचाया गया है. रिपोर्ट के अनुसार करीब 242 ट्रेनों को 16 राज्यों में भेजा गया है. जिसमें से अधिकतर-  90% यूपी और बिहार के रहने वाले थे.

दिल्ली सरकार का कहना है, कि एक महीने में प्रवासी मजदूरों को उनके राज्य लौटाया जा चुका है. वहीं, कई प्रवासियों ने ठहरने मन बना लिया है. अनलॉक लगने के बाद से कई काम काज शुरू हो गए हैं. लोग पहले की तरह कार्यशैली अपना रहे हैं इसलिए अब श्रमिक स्पेशल ट्रेन की मांग भी बहुत कम आ रही है.

Hindustan Times- की रिपोर्ट के अनुसार श्रमिक ट्रेनों की अनिश्चितता के बीच श्रमिक अब बस या  NGO की मदद से अपने घर लौट रहे हैं.वहीं उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का कहना है, कि जिन प्रवासियों ने अप्लाई किया था. उन सभी को उनके राज्य भेजा जा चुका है. साथ ही कहा कि अब कोई श्रमिक स्पेशल ट्रेन दिल्ली रेलवे स्टेशन से नहीं चलेगी, लेकिन फिर भी कोई मांग आती है तो उन्हें उनके राज्य भेजने का प्रबंध किया जाएगा.

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