पूरे देश में 1 जून से वन नेशन वन राशन कार्ड (Ration Card) की योजना शुरू हो गई है. राशनकार्ड की कालाबाजारी रोकने के लिए राशनकार्ड को आधार कार्ड से लिंक करना जरूरी हो गया है. खाद्य विभाग ने कार्ड को लिंक करने के लिए 31 जुलाई तक की डेड लाइन निकली है. इसके बाद अगर किसी का आधार कार्ड राशनकार्ड से लिंक नहीं हुआ तो गेंहूं (अन्न) का लाभ लाभार्थी नहीं उठा पाएंगे.

साथ ही वन नेशन वन कार्ड की योजना के तहत उपभोक्ता किसी भी प्रदेश से राशन ले सकते है.

E-POS मशीनों में गड़बड़ी कर राशन गायब वाले दिन गए. सरकार की इस नई योजना के तहत आधार कार्ड को लिंक करना जरूरी कर दिया है. अब अगर 31 जुलाई तक राशनकार्ड को आधार कार्ड से लिंक नहीं करवाया तो उपभोक्ताओं को राशन भी नहीं मिल सकेगा. राज्य में 62 लाख उपभोक्ताओं इसके दायरे में हैं जिनके राशनकार्ड राष्ट्रीय खाद्द सुरक्षा योजना (National Food Security Scheme)  से नहीं जुड़े हैं. योजना ने अनुसार 1 अगस्त से उन उपभोक्ताओं को राशन नहीं मिलेगा जिनके आधार कार्ड लिंक नहीं हुए होंगे. गौरतलब  है, कि इन योजना से उपभोक्ता किसी भी प्रदेश से राशन ले सकते हैं.

बता दें, कि कुछ समय पहले कुछ लोगों ने फर्जी राशनकार्ड से राशन लेने का काम शुरू कर दिया था. इसके बाद ढेरों डीलरों के कलाबाजारी करने की शिकायतें मिलती रहीं. इसके बाद खाद्द एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से कलेक्टरों को भेजे गए पत्र में आकांशा जताई. जिसमें से लाखों फर्जी मामले हत्थे लगे. नई योजना के अनुसार अब कोई भी डीलर राशन में गड़बड़ी कर अब कालाबाजारी नहीं कर सकेगा. बता दें, कि 26 हजार राशन की दुकानों पर 2016 से पोस मशीनों द्वारा राशन वितरण शुरू हुआ था. अभी 33 फीसदी राशनकार्ड आधार कार्ड से लिंक नहीं हुए है. 33 फीसदी यानी कि 1.62 करोड़ व्यक्तियों का कार्ड अभी लिंक नहीं हुआ है.

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